ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
व्याख्या Next
वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-27 दूत हनुमान : भाग-6
घरको वापिस आनेका रास्ता सबको मालूम रहता है। कामयाब होने पर वापसी हल्की होती है। घर जाना, साथियोंसे मिलना, अपने घरमें भोजन करना - प्राणियोंके मनकी पुकार होती है। हनुमानके मनमें भी। वह तेजीसे घर पहुँच गये। जाते समय समुन्दर पर निगाह कर करके कूद-कूद क...
वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-26 दूत हनुमान : भाग-5
इस संसार में सफलता का मूल मंत्र परिश्रम है, पर "मंजिल" तक पहुँचना इतना सीधा कार्य नहीं है। ऐसा जरूरी नहीं है कि हमेशा मेहनत का पूर्णतयः फल प्राप्त हो, अनेक उद्यमियों को कभी कभी बड़ी विषम परिस्थितियों का सामान करना पड़ता है और दूसरी ओर कुछ लोगों को आ...
वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-25 दूत हनुमान : भाग-4
हनुमान सुग्रीव का मन्त्री था। सीता की खोज में सुग्रीव ने हनुमान को दक्षिण दिशा की ओर भेजा था। दक्षिणी ओर में सुग्रीव का दख़ल नहीं था। उसने यह भी सुना था कि दक्षिण के अधिवासी रुक्ष थे। यद्यपि सीता की खोज हनुमान का पहला काम था, दक्षिणी दिशा के अधिवास...
छाँटा हुआ पेड़
भारत में दो तरह के पेड़ आमतौर पर दिखलाई पड़ते हैं - हरा-भरा अथवा ठूँठ पेड़, बिल्कुल कम्पूटर के द्विआधारी गणित की तरह। मुझे अति प्रसन्नता हुई होती जब कोई भारतीय वैज्ञानिक दशमलव प्रणाली की तरह इन पेड़ों को परखकर द्विआधारी गणित की आधारशिला भूत में कभी रख...
असुर
देवता और असुर एक-दूसरे के जानी दुश्मन रहे होंगे। ऐसा मुझे कब से लगने लगा था, यकीन के साथ कह नहीं सकता। देवता और असुर की कथाओं में देवता अक्सर अपनी नैतिकता, सद्चरित्र और शौर्य के कारण विजयी के रूप में प्रस्तुत किए जाते थे। दूसरी ओर उतने ही शक्तिशाल...
वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-24 दूत हनुमान : भाग-3
एक संदेशवाहक का मुख्य उद्देश्य सन्देश को सही व्यक्ति तक सही तरीके से सही समय पर पहुँचाना होता है। वह सन्देश पाने वाले को भलीभाँति पहचान कर ही सन्देश देता है। कुछ खास परिस्थितियों में पहचान करने में अत्यंत विश्लेषण व सावधानी की ज़रूरत होती है। हनुमा...
वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-23 दूत हनुमान : भाग-2
संयोग से कहानी बनती है। वाल्मीकि एक कुशल कहानीकार हैं। समस्या जटिल हो सकती है, लेकिन कुछ तो रास्ता निकलना ही चाहिये! कवियों के लिये दुनिया स्वाभाविक होती है। उलझनें आती हैं और जाती भी हैं। उलझन में अपनी बुद्धि को साहस से और मन को दृढता से तैयार रख...
समाधि-दर्शन : बिन्दु-बिन्दु विचार
हिन्दू-दर्शन में कपिल मुनि सांख्ययोग (ज्ञानयोग) के प्रवर्तक माने जाते हैं और पतंजलि योग-सूत्र (राजयोग) के। सांख्य-दर्शन के अनुसार (1) दैहिक, (2) भौतिक, तथा (3) दैविक दु:खों (क्लेशों) का निवारण किया जा सकता, परन्तु इसके लिये सही ज्ञान की प्राप्ति क...
अनुवाद : संजीव त्रिपाठी वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-22 दूत हनुमान : भाग-1
कवि वाल्मीकि के अनुसार सीता की खोज में गये दूत हनुमान को दो तरह की अनुभूतियाँ हुईं। एक आतंरिक अनुभूति, जो भूख, प्यास, प्यार और दुःख के रूप में हमारे शरीर महसूस करता है और हमारे लिये एक अनुभव पैदा करती है। और दूसरी बाहरी अनुभूति, जो वातावरण, विभिन्...
लंका में बन्दिनी सीता का संताप
वाल्मीकि मन के ज्ञाता हैं। ऐसा संभव है कि उनके समय मन की पीड़ा के बारे में सार्वजनिक विचार-विमर्श करने में समाज सक्रिय हो। और ऐसा भी संभव है कि वास्तविकता पर आधारित कहानी का आंतरिक विश्लेषण करना उस समय सराहनीय माना जाता रहा हो। भारतीय सभ्यता का यह ...
गीता और अन्य गीताएँ
गीता शब्द सुनते ही हमें उस महान ग्रंथ की याद आती है जिसे अनेक लोग धर्मग्रंथ का सम्मान देते हैं, उसे "सर्वपापहरा" और "मोक्षदायिनी" मानते हैं, अतः उसे घर में रखना और पढ़ना अनिवार्य मानते हैं, (पर कैसी विडम्बना है कि जिस मूल ग्रंथ "महाभारत" का यह अंश ...
मैं तुइ पाए आपन जीऊ
उत्तर प्रदेश के अमेठी अंचल के पास एक छोटा-सा नगर जायस भी है। इसी नगर में अवधी बोली के महाकवि मलिक मुहम्मद जायसी हुए; जिनका "पद्मावत" महाकाव्य संसार में प्रसिद्ध हुआ है।सिंहलद्वीप की सुन्दरी पद्मावती को कौन नहीं जानता। उसकी कथा घर-घर में प्रच...
QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 15.00 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^