ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
विपुल गोस्वामी
विपुल गोस्वामी
काँगड़ा, हिमाचल प्रदेश में जन्म। जवाहरलाल नेहरू विवि से जर्मन में एम.फिल.। हिंदी-जर्मन के व्यतिरेकी वाक्य-विन्यास पर पी.एच.डी.। केन्द्रीय हिंदी संस्थान से हिंदी भाषाविज्ञान में डिप्लोमा। जवाहरलाल नेहरू विवि में जर्मन इतिहास, आईआईटी, दिल्ली में जर्मन का शिक्षण व जर्मन अनुवादक। रूसी, तुर्की व इटालियन का अध्ययन। तुर्की (अंकारा), जर्मनी (ग्योटिंगन, बर्लिन, रेगेनस्बुर्ग) और डेनमार्क (कोपेनहागेन) के वि·ाविद्यालयों में अध्ययन संबंधी यात्राएं। सम्प्रति - बॉन विवि, जर्मनी में हिंदी शिक्षक।
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यूरोप में प्रवासी भारतीय समाज
01-Jan-2016 12:00 AM 117 यूरोप में प्रवासी भारतीय समाज

आज यूरोप के कई देशों के महानगरों में विभिन्न देशों से लोग आकर बसे हैं। औद्योगिक क्रांति के पश्चात बीसवीं पूर्वार्ध तक लंदन, पेरिस, बर्लिन जैसे महानगर दूर-दूर के लोगों को अपनी और खींचने लगे थे, पर ज

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