ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
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बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हिंदी-निहिताथ
बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हिंदी-निहिताथ

बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ क्या हिंदी उन्नति के लिए वास्तव में कुछ योगदान कर रही
हैं? माफ़ कीजिएगा सच यही है कि कंपनियाँ केवल और केवल अपने मार्केटिंग
और बाजार के हिसाब से स्ट्रेटेजी बनाती हैं ...

01-Oct-2017 01:03 PM 149
वर्णमाला, भाषा, राष्ट्र और संगणक
वर्णमाला, भाषा, राष्ट्र और संगणक

भारतीय भाषा, भारतीय लिपियाँ, जैसे शब्दप्रयोग हम कई बार सुनते हैं, सामान्य व्यवहार में भी इनका प्रयोग करते हैं। फिर भी भारतीय वर्णमाला की संकल्पना से हम प्रायः अपरिचित ही होते हैं। पाठशाला की पहली क ...

01-Oct-2017 12:33 PM 137
रास्ता भटक गया है मीडिया
रास्ता भटक गया है मीडिया

सिपाही सोचता नहीं। उसे बताया जाता है कि उसे सोचना नहीं है, उसे सिर्फ करना है। उसके हाथ में बन्दूक थमा दी गयी है। वह पूरी तरह लोडेड है। उसकी पेटी में और भी कारतूस हैं। जरूरत पड़ने पर वह उनका इस्तेमाल ...

01-Sep-2017 10:58 AM 201
संचार-क्रांति के कालखंड में हिन्दी
संचार-क्रांति के कालखंड में हिन्दी

हिन्दी के प्रचार प्रसार में पिछले लगभग एक-डेढ़ दशक में जितना परिवर्तन देखने को मिला है, उससे एक तरफ़ निश्चित ही सुखद अहसास हुआ है, दूसरी तरफ़ कुछ ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं जिनसे भाषा की अस्मिता में कुछ ...

01-Sep-2017 10:52 AM 227
लंका का साम्राज्य
लंका का साम्राज्य

रामायण की कहानी का ऐतिहासिक महत्व जानना हमेशा ही चर्चा का विषय रहा है। इस कहानी में एक वीर पुरुष के यथार्थ जीवन के अनेकानेक रोचक प्रसंग दक्षिण भारत के अनेक रहस्यों से जुड़े हुये हैं। सभी रहस्यमयी वस ...

08-Jul-2017 08:09 PM 538
सड़क और पगडंडी
सड़क और पगडंडी

एक नगर की ओर जाता है और दूसरी गाँव की ओर। गाँव और नगर के बीच रास्ते तो कई हैं लेकिन समानताएं नहीं हैं। पिछले कई दशकों से इन्हीं रास्तों से लोग ग्रामीण जीवन से नगर की चकाचौंध की ओर भाग रहे हैं। लेकि ...

02-Jun-2017 03:07 AM 732
गांव विकास की दुविधापूर्ण तस्वीर
गांव विकास की दुविधापूर्ण तस्वीर

आज एक लंबे अरसे बाद गाँव पर चिंतन करने बैठा हूँ, अजीब-सी बात है मैंने दस मिनट में इंटरनेट पर उपलब्ध सामग्री खंगाल डाली। विकिपीडिया पर डाटा देख डाले और फिर मैं खुद को मिनिस्टरी आफ रुरल डवलपमेंट साईट ...

02-Jun-2017 03:02 AM 933
गाँव-देहात की सद्भावी परम्परा
गाँव-देहात की सद्भावी परम्परा

जो परिवर्तन विगत कई सौ साल में हुए हैं उससे कहीं अधिक परिवर्तन कुछ दशकों में ही इस पृथ्वी पर हो गए हैं। आगे इनमें और तेजी ही आएगी। ऐसे ही हमारे गांव-देहातों में भी परिवर्तन आए हैं और आते जा रहे हैं ...

02-Jun-2017 02:57 AM 826
वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-16 राक्षस और उनका कुल अनुवाद : संजीव त्रिपाठी
वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-16 राक्षस और उनका कुल अनुवाद : संजीव त्रिपाठी

वाल्मीकि एक "ऐन्द्रजालिक" जगत में रहते थे। उनके समय में आकाश से आकाशवाणी होती थी, वायु दौड़ती थी और जल गाना गाता था। समुद्र, पर्वत, वन और वृक्ष संवेदना दिखलाते थे। जीव-जंतु, पक्षी और जंगली जानवर मनु ...

01-May-2017 08:23 PM 914
आधी आबादी का पक्ष
आधी आबादी का पक्ष

पिछले महीने की आठ तारीख़ यानी आठ मार्च को जब दुनियाभर में अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा था तो मेरे दिमाग़ की शिराओं में महिलाओं की सदियों से चली आ रही व्यथा कथा की चित्रमाला दौड़ रही थी। अपने ...

01-Apr-2017 12:25 AM 970
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