ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
उत्तर प्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस यादगार होगा - अखिलेश यादव
CATEGORY : विशेष 01-Jan-2016 12:00 AM 696
उत्तर प्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस यादगार होगा - अखिलेश यादव

प्रश्न : आगरा में 4 से 6 जनवरी 2016 को पहला "उत्तर प्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस' मनाया जा रहा है। इसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालेंगे। उत्तर : पिछली सरकार के ठीक उलट वर्तमान सरकार अपने गठन के बाद से ही प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है और फैसले ले रही है। इन कार्यों और फैसलों की प्रदेश ही नहीं देश में चर्चा भी हो रही है और सराहना भी हो रही है। हमारे कुछ निर्णयों को अन्य राज्य सरकारों के साथ-साथ केन्द्र सरकार भी अपना रही है। प्रदेश में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, लखनऊ में मेट्रो रेल की स्थापना के साथ-साथ अन्य कई शहरों में मेट्रो चलाने की तैयारी, लखनऊ में आईटी सिटी की स्थापना, उन्नाव में ट्रांस गंगा हाईटेक सिटी, लखनऊ में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की स्थापना सहित तमाम ऐसे कार्य हैं, जिनके बारे में प्रवासी भारतीयों को बताने की आवश्यकता है। उन्हें उत्तर प्रदेश के बदलते परिवेश एवं कार्य संस्कृति के बारे में भी बताने की आवश्यकता है। उनके अन्तर्राष्ट्रीय अनुभव, उनकी प्रतिभा और नए विचारों को उत्तर प्रदेश के विकास में इस्तेमाल करने की जरूरत समझी गई है, इसीलिए "उत्तर प्रदेश प्रवासी दिवस' का आयोजन किया जा रहा है। मुझे उम्मीद है कि इस आयोजन में शामिल होने वाले प्रवासियों को उत्तर प्रदेश की सही झलक मिलेगी, जिससे वे यहां पर निवेश का मन बना सकेंगे और प्रदेश के विकास में भागीदार भी हो सकेंगे। प्रश्न : अब तक विभिन्न प्रदेशों द्वारा आयोजित होने वाले "इन्वेस्टमेंट समिट' से यह किन मायनों में अलग होगा। उत्तर : यह आयोजन वास्तव में प्रवासियों को उत्तर प्रदेश में मौजूद विकास की असीमित सम्भावनाओं को प्रस्तुत करने का एक सकारात्मक प्रयास है, ताकि प्रवासियों को उत्तर प्रदेश में चल रहे वि?ा स्तरीय विकास कार्यों के बारे में पूरी जानकारी मिल सके और वे स्वयं ही सही निर्णय ले सकें। साथ ही, उन्हें अपनी माटी से रूबरू कराने तथा रिश्तों को मजबूत बनाने की भी यह एक पहल होगी। प्रश्न : अक्सर ही प्रवासी भारतीय उद्योगपति इस तरह के सरकारी आयोजनों में बढ़-चढ़कर एमओयू साइन करते हैं, जबकि हकीकत में गिनी-चुनी परियोजनाएँ ही प्रारंभ हो पाती हैं। इस बारे में आपकी क्या रणनीति है। उत्तर : हमारा प्रयास होगा कि हम सभी तथ्यों को सही प्रकाश में प्रस्तुत करें, ताकि प्रवासी सोच-समझकर निर्णय ले सकें और एमओयू साइन कर सकें, ताकि कार्य प्रारम्भ किया जा सके। प्रश्न : विकसित देशों के "वर्क कल्चर' और भारतीय कामकाज की शैली अक्सर ही प्रवासी उद्योगपतियों को यहां आने से रोकती है। आप इसे कैसे देखते हैं? उत्तर : हमारी कोशिश होगी कि प्रवासियों को उत्तर प्रदेश में कोई कठिनाई न हो और उनके प्रोजेक्ट्स बिना किसी बाधा के पूर्ण हो सकें।

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