btn_subscribeCC_LG.gif
ज़किया ज़ुबैरी
ज़किया ज़ुबैरी

1 अप्रैल 1942 को लखनऊ में जन्म। बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक। लंदन में एशियन कम्यूनिटी आट्र्स की अध्यक्षा एवं कथा यू.के. एवं पुरवाई पत्रिका की संरक्षक। भारत में प्रवासी सम्मेलनों का आयोजन एवं भागीदारी। प्रकाशित कृतियां : कहानी संग्रह - सांकल, ग़ज़ल संकलन- समुद्र पार हिन्दी ग़ज़ल, ब्रिटेन के उर्दू कहानीकारों का हिन्दी अनूदित संकलन - ब्रिटेन में उर्दू क़लम प्रकाशित। शिवना साहित्य सम्मान, अभिव्यक्ति कहानी पुरस्कार, आज़मगढ़ नगर निगम द्वारा नागरिक अभिनंदन सम्मान से सम्मानित।


साँकल
क्या उसने अपने गिरने की कोई सीमा तय नहीं कर रखी? सीमा के आँसुओं ने भी बहने की सीमा तोड़ दी है... इन्कार कर दिया रुकने से... आँसू बेतहाशा बहे जा रहे हैं। वह चाह रही है कि समीर कमरे में आए और एक बार फिर अपने नन्हें मुन्ने हाथों से सूखा धनिया मु
QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 19.09.26 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^