btn_subscribeCC_LG.gif btn_buynowCC_LG.gif

सूखे पत्ते
01-Dec-2018 06:59 PM 1312     


मुझे कुछ सूखे पत्तों पर
टहलनें की तमन्ना है
अकेले दूर तक चुपचाप
ख़ुद अपने ख़्यालों के
सिमटते फैलते सायों के
झुरमुट से जुदा होकर
नये इक मील पत्थर से
गुज़रने की तमन्ना है।

ज़मीं से आस्मां के बीच
बस थोड़ी-सी दूरी है
सफ़र ही इतना लंबा था
क़दम रुक-रुक के चलते हैं
फ़लक बाहें पसारे
मुंतज़िर है बगलगीरी को
तकाज़ा तेज़ रफ़्तारी से
करने की तमन्ना है।

बहुत क़िस्से सुने हैं
नाज़नीनों की अदाओं के
कई चर्चे किये है ख़ुद
वफ़ाओं के जफ़ाओं के
न रंजिश दोस्तों से है
न परवाह है रक़ीबों की
हसीन तन्हाई की ख़ातिर
सँवरने की तमन्ना है।

हरेक लम्हा है हमसाया
सबाबे ज़िंदगी बन कर
मरहले देते हैं दावत
अनजाने अजूबों की
भरी बरसात में भीगे हुऐ
एहसास का सदक़ा
मुख़ालिफ़ है हवा का रुख
बदलने की तमन्ना है।

मसीहाई का उट्ठा शौक़
तो दिल बदग़ुमां निकला
शनासाई की बात आई
तो रुतबा बेईमां निकला
बैरागन रूह अब कतरा रही है रहनुमाई से
बेगानी दूरियों से दूर राहों पर कहीं रुक कर
फिर आगे और आगे तेज़ चलने की तमन्ना है।
मुझे कुछ सूखे पत्तों पर
टहलने की तमन्ना है।

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 19.09.26 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^