ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
शिकागो में होली
01-Apr-2016 12:00 AM 4067     

हिरण्यकश्यप और प्रह्लाद की पारम्परिक कथा के साथ ही आजकल होली का त्यौहार एक नए रूप में प्रचलित हो गया है। आज के माहौल का प्रखर विचार "लेट ईट गो...' पूरी तरह से होली के त्यौहार को जैसे और रंग भर देने जैसा है। छोटी-सी जिंदगी, गिले-शिकवे में निकालने से बेहतर है मिल-जुलकर जीवन जिया जाये। ऐसा ही कुछ वातावरण बन जाता है होली के अवसर पर विदेशो में भी।
रंगों का त्यौहार होली आज़कल जितना धूमधाम से भारत में मनाया जाता है उसी तरह से बहुत व्यवस्थित तरीके से  विदेशो में भी अप्रवासी भारतीय हो या विदेशी लोग सभी बहुत आनंद से मानते हैं। यहाँ शिकागों में अनेक सालों से यह दिखाई दे रहा है।
शिकागो में होली एक जगह ही नहीं लगभग हर एक सब-सिटी  में लोग मनाने लगे हैं। अनेकों विशेष इवेंट्स रखे जाते हैं होली के लिए। लगभग सभी भारतीय होटल्स यहां एक न एक छोटा या बड़ा  कार्यक्रम रखते हैं। कई जगहों पर इंडिया के बड़े सिंगर, एक्टर, एक्ट्रेस अपने विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत करते हैं औ जमकर यहाँ होली के गानों और गुलाल से एकदम माहौल में रंग भरते हैं। विशेष भारतीय पकवान भी यहाँ खास होली के अवसर पर प्रस्तुत किये जाते हैं।
यहां भी यह पर्व केवल युवाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बड़े बुजुर्ग भी इस दिन अपने पुराने तरीकों को याद करते हुए नए परिवर्तन को स्वीकार करते हुए आनंद उठाते हुए देखे जाते हैं। कुछ परिवर्तनों में रंगों के इस्तेमाल का परिवर्तन भी बड़ा है। अब केमिकल फ्री कलर्स से होली खेली जा रही है जो कि हिंदुस्तान की बहुत पुरानी परंपरा भी हुआ करती थी। मुझे अब भी याद है मेरे दादाजी पलाश के फूलों से होली का रंग बनाया करते थे। होली दहन की सारी सामग्री अकेले ही जुटाते रहते। आज उनकी वे सब बातें बहुत याद आती आ रही हैं।
शिकागो में लगभग सभी जगह होली के अवसर पर गुलाल का प्रयोग होते हुए देखा है, जिसमें गुलाल के ये रंगों को बेचने बाले केमिकल फ्री होने का दावा तो कम से कम करते ही हैं।
विदेशों में आजकल होली इतना प्रचलित त्यौहार हो गया है कि यहाँ वि·ाविद्यालयों और अनेक कम्युनिटी सेंटरों में और सभी हिन्दू मंदिरों में बहुत ही आनंद से मनाया जाने लगा है। यहाँ भारतीय त्यौहारों में खासकर होली ने अपनी खास जगह बना ली है।
हम लोगों ने होली का त्यौहार मार्च के अंत में शनिवार को ग्रेटर शिकागो के लेमोन्ट हिंदू मंदिर में मनाया। मौज की भीड़, ठंडी दोपहर और जल्द ही पूरा परिसर बच्चों, महिलाओं, पुरुषों और सभी उम्र के लोगों से भर गया। सभी अपने परिवारों के साथ मंदिर के मैदान में आने शुरू हो गये। यह वास्तव में लोगों की भावनाएं हैं, अपने देश और अपने त्यौहार को अपने लोगों के साथ मनाने की।
हिन्दू मंदिर ग्रेटर शिकागो एक दिव्य धाम है जो साल भर नियमित रूप और विशेष धार्मिक सेवाओं को एक मेज़बानी प्रदान करके अपने भक्तों की धार्मिक जरूरतों को पूरा करने के लिये शिकागो शहर में अच्छी तरह से जाना जाता है। इसके अलावा यह कई सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों, हिंदू धर्म व्याख्यान, कला, आध्यात्मिक व्याख्यान, भाषा की विविधता का आयोजन करता है जिसके कारण अब ये समुदाय के लिए एक अनूठा केंद्र बन गया है। कला एवं शैक्षिक कक्षाएं, योग और ध्यान की गतिविधियों, मानवीय गतिविधियों, चिकित्सा शिविर और कई अन्य युवा और वरिष्ठ नागरिक गतिविधियों का यहां नियमित रूप से आयोजन होता है। यह केंद्र तमाम तरह की प्रदर्शनकारी कलाओं को बढ़ावा देने के लिये प्रदर्शन की व्यवस्था करने और बारीकी से इस संबंध में भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ काम करके भारत से कई प्रतिभाशाली और प्रसिद्ध कलाकारों को बढ़ावा भी देता है।
यहाँ शुरुआत तीन घंटे के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई जिसमे २०० से ऊपर बच्चो ने सभागार में अपने सुन्दर कार्यक्रम प्रस्तुत किये। जिसका आयोजन हर साल सांस्कृतिक समिति करती है। इसमें अप्रवासी भारतीय स्वयंसेवक अपना योगदान देते हैं। सभी भारतीय अभिभावक  अपने बच्चों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की कोशिश कराते रहते हैं। माता-पिता अपने बच्चों को तैयारी करवाते हैं जिससे बच्चे उत्साहित होकर सुन्दर प्रस्तुतीकरण देते हैं।
इसी क्रम में मेरे बेटे ने भी वायलिन पर अंग्रेजी गाने की जगह हिंदी गाने की धुन को बजाया तो बहुत खुशी हुई। वह अभी सीख रहा है और हमारे राष्ट्रगान की धुन और तमाम भक्ति संगीत की धुनें जब वह बजाता है तो बहुत खुशी होती है। कुछ बच्चों ने बहुत पुराना लोकप्रिय हिंदी गाना "अरे जा रे नटखट' पर बहुत ही सुन्दर नृत्य प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम समाप्त होते ही जैसे सारा वातावरण मस्ती और गुलाल के रंगों में डूब गया। रंगों की जैसे बरसात होने लगी। सब बस एक-दूसरे को हैप्पी होली बोलते नजर आ रहे थे। सिर्फ भारतीय ही नहीं सभी धर्म के लोग यहां होली के रंगो में मस्त थे। मेरी ही एक जर्मन दोस्त नोरा अपने पूरे परिवार के साथ हमारे साथ यहां होली मनाने आई और बहुत उत्साहित रही। मंदिर परिसर के बाहर ही तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टाल लगाये गए थे, जिसमें सभी भारतीय होली विशेष व्यंजन रखे गए। इस अवसर पर तैयार की जा रही मसाला चाय की तो बात ही अलग थी। मंदिर के किचन में ही ताजा खाना तैयार किया जाता है। होली का ये महोत्सव एक धार्मिक त्योहार या आयोजन भर नहीं है। यह किसी भी धार्मिक पहलुओं या समूहों को बढ़ावा देने का भी एक रास्ता है। इसके अलावा यह त्योहार मज़ा और ज़िंदादिली के एक दिन के दौरान एकजुटता और रोजमर्रा की जिंदगी के रंग के विचारों को बढ़ावा देने वाला भी है।

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 19.09.26 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^