btn_subscribeCC_LG.gif
मूसा खान अशान्त बाराबंकवी
मूसा खान अशान्त बाराबंकवी

चर्चित साहित्यकार। उपन्यास- गोदनावाला, त्रासदी, ढाई आखर, काव्य संग्रह- तथा मर गई संवेदना, कहानी संग्रह- वह साँवली लड़की, ग़ज़ल संग्रह- पहली बरसात तथा रेडियो एकांकी- आधे अधूरे ख़्वाब प्रकाशित। रचनाएँ प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित तथा रेडियो और दूरदर्शन से प्रसारित। अनेक ग़ज़लें प्रसिद्व गायकों द्वारा संगीतबद्ध। भगवतीचरण वर्मा सम्मान से पुरस्कृत।


हिज्ऱ की रातों में आया लुत्फ़ इक मुद्दत के बाद
एक हिज्ऱ की रातों में आया लुत्फ़ इक मुद्दत के बाद,ज़ीस्त के लम्हों में आया लुत्फ़ इक मुद्दत के बाद। याद में तेरी बहाकर अश्क़ मैं जीता रहा,मुझको बरसातों में आया लुत्फ़ इक मुद्दत के बाद। बचपने में दिल मेरा माएल हुआ कब
QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 19.09.26 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^