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डॉ. श्याम सुंदर पांडेय
डॉ. श्याम सुंदर पांडेय

5 अप्रैल 1972 को उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला के परसिया अजमेर गाँव में जन्म। बीआरडीपीजी कॉलेज, देवरिया से स्नातक, एमएमपीजी कॉलेज, भाटपार रानी, गोरखपुर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर तथा मुंबई विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। बीएम रुइया महिला महाविद्यालय, मुंबई तथा बीके बिड़ला महाविद्यालय, कल्याण में अध्यापन एवं शोध निर्देशन किया। अनेक अन्तर्राष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन। "विद्यानिवास मिश्र का निबंध साहित्य : सन्दर्भ और अभिव्यक्ति" तथा "स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी नाटक : संवेदना और शिल्प" पुस्तकें प्रकाशित। आधा दर्जन पुस्तकें सम्पादित की हैं।


पानी केरा बुदबुदा  रिश्तों की परिधि का यथार्थ
सुषम बेदी वर्तमान की उन कथाकारों में प्रमुख हैं जिन्होंने भारत और पश्चिमी परिवेश को बड़े नज़दीक से देखा है। यही कारण है कि उनकी कथाभूमि के केंद्र में भी दोनों संस्कृतियाँ रहीं हैं। अपने सद्यः प्रकाशित उपन्यास "पानी केरा बुदबुदा" के माध्यम से सुषम जी
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