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डॉ. ऋषभ कुमार मिश्र
डॉ. ऋषभ कुमार मिश्र

महात्मा गाँधी अन्तरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में सहायक प्रोफेसर हैं। शिक्षा, समाज और साहित्य से जुड़े विषयों पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेखन करते हैं।


भारत को भाषाओं के माध्यम से समझना
नयी शिक्षा नीति के प्रारूप में भारतीय भाषाओं से संबंधित व्यापक सुझाव दिए गए हैं। इनमें भाषाओं की शिक्षा और भाषाओं द्वारा शिक्षा विषयक चार आधारभूत मान्यताएं हैं। प्रथम, भाषा संज्ञानात्मक विकास का साधन है और बच्चे स्वभावतः एक से अधिक भाषाओं को सीखने
कार्यस्थल पर गांधी
"जब मैं निराश होता हूं, और मनन करता हूं तो पाता हूं कि इतिहास में अंततः सत्य और प्रेम की विजय होती है।" गांधी के इस सूत्र को सत्य मान लेने का लाभ है कि बदलाव की संभावना और आशावादिता बनी रहती है। आज के दौर में राजनीति, समाज, शिक्
गाँधी : रोल मॉडल होने की संभावना
गाँधीजी की 150वीं जयंती के अवसर पर सर्वाधिक प्रासंगिक प्रश्न है कि भारत सहित दुनिया की "युवा" आबादी के लिए बापू की विरासत के क्या निहितार्थ हैं? क्या वे किताबों, इण्टरनेट, सिनेमा और मौखिक आख्यानों में कैद ज्ञान हैं जिसकी सराहना की जाती है? या वे ए
कला और जीवन
हम दिनचर्या का बड़ा हिस्सा जिस कार्य को देते हैं उसी को जीवन मान लेते हैं। इन कार्यों में प्रत्यक्ष संलग्नता और उसके बाद भी उसे ढोते रहते हैं। संस्थाओं में बंधी दिनचर्या व्यक्ति को संस्था का बना देती है लेकिन व्यक्ति कौन है? संस्था से परे उसका जीवन
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