btn_subscribeCC_LG.gif
डॉ. पीटर फ्रडलैंडर
डॉ. पीटर फ्रडलैंडर
1956 में कैम्ब्रिाज, इंग्लैंड में जन्म। स्कूल की पढ़ाई के बाद पाँच साल तक भारत भ्रमण किया। वाराणसी में भारतीय सभ्यता के बारे में अध्ययन किया और हिन्दी सीख ली। लंदन वि·ाविद्यालय में बी.ए. और पी.एच.डी. की उपाधि हिन्दी में की। शोधकार्य का विषय था- "संत रविदास की कृतियाँ और जीवनी।' तीस वर्षों से इंग्लैंड, भारत, सिंगापुर और ऑस्ट्रलिया में हिन्दी अध्ययन और अध्यापन में काम कर रहे हैं। इस समय रैदास, कबीर और चरणदास पर शोधकार्य में सक्रिय हैं। अँग्रेज़ी भाषा में कई किताबें और लेखों का लेखक, जिसमें से कुछ किताबें हैं- संत रविदास की कृतियाँ और जीवनी (1991), वेल्कम संस्थान लंदन की हिन्दी हस्तलिखित ग्रंथों की विवर्णात्मक सूची (1996), दयाबाई की वाणी (2004)। कुछ हाल के लेखों में से- रैदास की जीवनी (2012), कबीर वाणी का इतिहास (2012) बुद्ध धर्म में शान्ति और संघर्ष (2012)। सम्प्रति - ऑस्ट्रेलियन नेशनल युनिवर्सिटी में पढ़ाते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में हिंदी शिक्षा के तर्क
ऑस्ट्रेलिया सरकार की शिक्षा नीति के बारे में विमर्श करने वाली समिति एशियन सेंचुरी पर जारी श्वेत पत्र में हिंदी को एक बड़ी एशियाई भाषा के रूप में स्वीकार किया गया है। पर भाषा को सिखाने के लिए इसका क्या मतलब है?एशियन सेंचुरी पर नई हेनरी रिपोर्ट
ऑस्ट्रेलियाई भारतीयवंशियों के सरोकार
इस साल मैंने कई समारोहों में भाग लिया, जिनमें मैंने अनुभव किया कि ऑस्ट्रेलिया में प्रवासी भारतीय समाज अब प्रगति की राह पर है। हाल ही में, 23 नवंबर को, ऑस्ट्रेलिया के संसद भवन में दीपावली के समरोह बड़े धूमधाम से मनाया गया। सभा को संबोधित करते हुए भा
QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 19.09.26 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^