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डॉ. दरीगा कोकऐवा
डॉ. दरीगा कोकऐवा

19 अप्रैल 1979 को जन्म। अल-फराबी कजाख नेशनल यूनिवर्सिटी से दर्शनशास्त्र और राजनीति विज्ञान में विशेषता प्राप्त की तथा धार्मिक, दार्शनिक नृविज्ञान, दर्शन एवं संस्कृति में पी.एच.डी.। दिल्ली विश्वविद्यालय से हिन्दी भाषा का प्रशिक्षण। पिछले दस सालों से हिन्दी अध्यापन। मोनोग्राफ "हिंदू धर्म", "धर्म और समाज : आधुनिक प्रवचन", अध्ययन गाइड "हिंदू धर्म का इतिहास", "भारतीय भाषाशास्त्र का परिचय", "हिन्दी भाषा के वाक्यांश" एवं "हिंदी भाषा के समानार्थी" प्रकाशित।


अतीत की छाया में भविष्य
कामताप्रसाद गुरू के अनुसार, भाषा वह साधन है, जिसके द्वारा मनुष्य अपने विचार दूसरों पर भली भांति प्रकट कर सकता है। दूसरी ओर भाषा एक भी प्रणाली है, लिहाजा किसी भी विदेशी भाषा को सिखाने के लिये भाषा की प्रकृति समझना पड़ती है। भाषा की प्रकृति नदी की भा
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