ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
चलना है जंतर मंतर
01-Aug-2016 12:00 AM 1269     

पहिचान ये हमारी
फू-मंतर कर दो अन्दर
देख लें क्या हो रहा है
चलना है जंतर मंतर
क्यों हो रही है शंका
गोपाल है सिकंदर
राष्ट्र की नयी स्वतन्त्रता
चलना है जंतर मंतर
गौ-भक्तों की कहानी
हट गई अनैतिक बबंडर
सबूत खुशकिस्मत
चलना है जंतर मंतर
ये प्यार है मोहब्बत
जातीय द्वेष दूर कर
शहादत धर्म की राहें
चलना है जंतर मंतर
ये पन्थ है इमारत
ब्रह्मा व विष्णु शंकर
वापस नहीं है लौटना
चलना है जंतर मंतर
ये त्याग की भूमि है
भगवान रूप सुन्दर
श्रीराम-बुद्ध जैसे
चलना है जंतर मंतर।

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