ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
उदयन वाजपेयी
उदयन वाजपेयी
जन्म 1960 सागर, मध्यप्रदेश। चर्चित कवि-कहानीकार। कहानी संग्रह- सुदेशना, दूर देश की गन्ध, कविता संग्रह- कुछ वाक्य, पागल गणितज्ञ की कविताएँ, एक निबन्ध संग्रह, फिल्मकार मणिकौल के साथ उनके सम्वाद की पुस्तक "अभेद आकाश' प्रकाशित। कृतियों का तमिल, बंगाली, मराठी, फ्राँसीसी, पोलिश, बुल्गारियायी, स्वीडिश, अँग्रेजी आदि में अनुवाद। कृष्ण बलदेव वैद फैलोशिप और रज़ा फाउण्डेशन पुरस्कार से सम्मानित।
एफ-90/45, तुलसीनगर, भोपाल-462003, Bhopal, INDIA
साबरमती के तट पर
01-Oct-2016 12:00 AM 2458 साबरमती के तट पर

साबरमती नदी के तट को सीमेंट का बना दिया गया है। दूर से देखने पर अब वह पेरिस की सेन नदी के तट की फूहड़ आकृति जान पड़ता है। साबरमती के ही तट पर गांधी आश्रम, जिसे "साबरमती आश्रम"  नाम से जाना जाता

देशाटन का आनंद है अलग
01-Aug-2016 12:00 AM 235 देशाटन का आनंद है अलग

भारत की संस्कृति एक आत्मसंबद्ध निरंतर संस्कृति है इसलिए यहां का हर क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से हर दूसरे क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। हम देश के दूसरे इलाके में भोजन करते हैं, तो हम नए स्वाद का अनुभव करने क

ज्यों की त्यों धर दीनी चदरिया
01-Jun-2016 12:00 AM 1217 ज्यों की त्यों धर दीनी चदरिया

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बहुत बरस नहीं हुए जब कबीर-गायन सुनते हुये मेरी मुलाकात एक बूढ़े ग्रामीण से हुई। उन्होंने पहले काफी संकोच से मुझसे समय पूछा और फिर मुझे कबीर में भीगता देख हल्के से पूछा, ""क्या आप जानते हैं कि

झूठ का समाजशास्त्र
01-May-2016 12:00 AM 1147 झूठ का समाजशास्त्र

कवि ¶ाुंतारी तानी कावा ने अपनी एक कविता में लिखा है : "कुछ बातें हम झूठ बोलकर ही कह सकते हैं।' बात सही है सचमुच कुछ ऐसी बातें होती हैं, जो बोली ही नहीं जा सकतीं। उन्हें प्रकट करने के लिए झूठ क

बिना सम्मान समता का मूल्य नहीं
01-Mar-2016 12:00 AM 119 बिना सम्मान समता का मूल्य नहीं

हमारा यह समय अन्याय चीजों के लिए जाना जायेगा। मसलन बाजार के घर के कोनों तक में घुस आने के लिए, बुद्धि के तिरस्कार के लिए पुस्तकों की अवमानना के लिये, बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों के स्थापित होने के लिए, परम

पारम्परिक ज्ञान भी मेक इन इंडिया है
01-Feb-2016 12:00 AM 76 पारम्परिक ज्ञान भी मेक इन इंडिया है

भारत उन विरले देशों में है जहां के नागरिक अपने पारम्परिक विवेक और ज्ञान से लगभग अलग हो चुके हैं। इसे इस तरह भी कह सकते हैं कि भारत एक ऐसी सभ्यता है जहां आत्म विस्मृत नागरिकों का वास है। इसका एक बड़ा

विलायती मामा
01-Jan-2016 12:00 AM 152 विलायती मामा

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उन दिनों "प्रवासी' शब्द इस्तेमाल नहीं होता था। शायद इसीलिए इंग्लैंड में रह रहे अपने मामा को हम विलायत गया बताये थे। वे इंग्लैंड में रहकर दूर अवश्य रह रहे थे पर प्रवासी नहीं थे। उनके दूर होन

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