ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
तथ्य Next
दक्षिण कोरिया में हिन्दी
कोरिया और भारत का संबंध लगभग दो हजार साल पुराना है। पहली शताब्दी में भारत के उत्तर प्रदेश के अयोध्या नगरी की राजकुमारी का विवाह कोरिया के राजकुमार के साथ हुआ था। उनके दस पुत्र थे। जिसमें से अंतिम दो पुत्रों का उपनाम राजकुमारी के उपनाम के आधार पर र...
वर्तनी : भ्रम व्याप्ति
कहावत तो बहुत पुरानी है- "अपनी-अपनी ढफली, अपना-अपना राग", जो आज के समय में बड़ी ही सटीक और उपयुक्त है। आज जब सब मनुष्य केवल अपनी-अपनी कहना चाहते हैं, सुनने में किसी की रुचि बची ही नहीं। ऐसे में किसी की त्रुटियों को इंगित करना सबसे बड़ा जोखिम का काम ...
हिन्दी साहित्य का जर्मन अनुवाद
मनुष्यों की परिस्थितियों को आपस में समझने के लिये, उनके शांतिपूर्ण, अहिंसात्मक सहजीवन के लिये साहित्य के अनुवादों का बहुत बड़ा महत्व है, क्योंकि केवल एक-दूसरे को समझने में अपरिचित, अन्य प्रकार के तथ्यों का अस्वीकारण कम हो जाता है। पारस्परिक समझ के ...
रामकथा की अद्भुत परम्परा
एक ऐसा देश जिसका धर्म तो इस्लाम है और संस्कृति है रामायण। नब्बे फीसदी मुस्लिम आबादी वाले इंडोनेशिया में न केवल लोग बेहतर मनुष्य बनने के लिए रामायण पढ़ते हैं बल्कि इसके पात्र वहां की स्कूली शिक्षा का भी अभिन्न हिस्सा हैं।इंडोनेशिया के शिक्षा औ...
मीडिया पर "लाल" पहरा
मैंने ये फ़ैसला कर लिया था कि अब मैं अपनी नौकरी से त्यागपत्र दे अशेष के साथ चीन चली जाऊँगी। आखिर मैं कब तक घर, नौकरी सबकुछ अकेली संभालती रहती। वैसे भी ग्रेजुएशन के बाद से ही शिक्षण, अख़बार, रेडियो, टेलीविज़न में काम करते-करते किसी हद तक मेरी कैरियर स...
प्रवासी जीवन पर पहली कहानी शूद्रा
प्रेमचंद हिन्दी कहानी के इतिहास में अनेक नये विषयों, सम्वेदनाओं एवं प्रवृत्तियों के उद्भावक थे। उन्होंने हिन्दी-उर्दू कहानी को आधुनिक बनाया, कहानी का नया शास्त्र दिया, उर्दू से हिन्दी में आकर नवोन्मेष किया, जीवन के उपेक्षित क्षेत्रों में पदार्पण क...
चीनी युवाओं में भारत का आकर्षण
सदियों से चीनी जनमानस के मनोमस्तिष्क में भारत वास करता आया है। भारत और चीन पिछले दो हजार से भी ज्यादा वर्षों से एक-दूसरे की सभ्यता-संस्कृति को प्रभावित करते हुए सम्पूर्ण मानव समाज के उत्थान में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते आ रहे हैं। पूर्व में असंख...
विदेशी छात्रों की कारकपरक त्रुटिया
विदेशी छात्र एवं छात्राएं हिंदी सीखने के लिए भारत आते हैं अथवा अपने ही देश में हिंदी सीखते हैं, उनकी सीमाएं और शक्तियां भिन्न प्रकार की होती हैं। प्रत्येक छात्र अपने देश की भाषा की संरचना के अनुसार हिंदी को समझने की चेष्टा करता है। अनेक देशों में ...
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