ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
स्वराज-स्मृति Next
स्वाधीनता

जिस प्रकार भी हो, हमें संघ को दृढ़प्रतिष्ठ और उन्नत बनाना होगा और इसमें हमें सफलता मिलेगी- अवशय मिलेगी। "नहीं' कहने से नहीं बनेगा! और किसी बात की आवशयकता नहीं- आवशयकता है केवल प्रेम, अकपटता और धैर्य

स्वराज्य

मेरे... हमारे... सपनों के स्वराज्य में जाति (रेस) या धर्म के भेदों का
कोई स्थान नहीं हो सकता। उस पर शिक्षितों या धनवानों का एकाधिपत्य
नहीं होगा। वह स्वराज्य सबके लिए-सबके कल्याण के लिए

नियति से वादा

कई सालों पहले, हमने नियति के साथ एक वादा (Tryst with Destiny) किया था, और अब समय आ गया है कि हम अपना वादा निभायें, पूरी तरह न सही पर बहुत हद तक तो निभायें। आधी रात के घंटे के समय, जब दुनिया सो रही

असमान बनने की स्वतंत्रता

मैं समाजवाद का समर्थक नहीं हूं क्योंकि स्वतंत्रता ही मेरे लिए परम मूल्य है। उससे ऊपर कुछ नहीं। और समाजवाद बुनियादी तौर पर स्वतंत्रता के खिलाफ है। उसे होना भी चाहिए, यह अपरिहार्य है क्योंकि समाजवाद

स्वतंत्रता की जय

इस शीर्षक के फूहड़पन से और उसकी नारेबाजी से मैं परिचित हूं। शायद यह पेकिंग की दीवाली पर लगे पर्चों की तरह थोथा और चीखता हुआ है। मेरी पीढ़ी के किसी आदमी के दिल में इतना उल्लास नहीं है कि वह आसमान गुंज

शब्दों की सत्ता अनमोल

उन्नीस सौ अट्ठाईस। चांद का फाँसी अंक बाज़ार में आया। दो सौ साल की गोरी हुक़ूमत के ज़ुल्मों का दस्तावेज़। रामप्रसाद बिस्मिल, सरदार भगतसिंह और माखनलाल चतुर्वेदी जैसे देशभक्तों ने उसमें लेख और कविताएँ लिख

आज़ादी की अभिधारणा

भारतीय प्रायद्वीप के लिए अगस्त आज़ादी के उत्सव को मनाने का महीना है। इसी महीने इस भूभाग के दो राष्ट्र - भारत और पाकिस्तान, जो 1947 ई. के पहले ब्रिटिश उपनिवेश का हिस्सा थे, अपने सपूतों के अथक संघर्ष,

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 12.00 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^