ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
सुभाष पाठक "ज़िया’"
सुभाष पाठक

15 सितम्बर 1990 को जन्म। शिक्षा- बीएससी, बीएड। दो दर्जन से अधिक पत्रिकाओं में ग़ज़लें प्रकाशित। आकाशवाणी से काव्य-पाठ प्रसारित। अखिल भारतीय मुशायरों, कवि सम्मेलनों में सहभागिता। अनेक ग़ज़लें ग़ज़ल-गायकों द्वारा गायी गयीं। विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित।


एक दो तीन : सुभाष पाठक
एक किसी की शक़्ल से सीरत पता नहीं चलतीके आब देख के लज़्ज़त पता नहीं चलतीख़ुदा का शुक्ऱ है कमरे में आइना भी हैनहीं तो अपनी ही हालत पता नहीं चलतीछलकते अश्क सभी को दिखाई देते हैंकिसी को ख़्वाब की हिजरत पता नहीं चलती
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