ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
स्मरण Next

महात्मा गांधी चरित स्वयं ही काव्य
01-Oct-2016 12:00 AM 2460
महात्मा गांधी चरित स्वयं ही काव्य

भारत के हृदय प्रदेश के उज्जयिनी नगर निवासी यशस्वी कवि श्री शिवमंगल सिंह "सुमन" की नोटबुक में पण्डित नेहरू ने, 1954 में यह वाक्य लिख दिया था- "अपने जीवन को कविता बनाना चाहिये"।
1989 में जब पूरे

साबरमती के तट पर
01-Oct-2016 12:00 AM 2457
साबरमती के तट पर

साबरमती नदी के तट को सीमेंट का बना दिया गया है। दूर से देखने पर अब वह पेरिस की सेन नदी के तट की फूहड़ आकृति जान पड़ता है। साबरमती के ही तट पर गांधी आश्रम, जिसे "साबरमती आश्रम"  नाम से जाना जाता

स्मृतिगंधा
01-Apr-2016 12:00 AM 156
स्मृतिगंधा

जैसे पूरा यथार्थ आमने-साने की पहाड़ियों के बीच फैला है। एक पहाड़ी उजाले की दूसरी अंधेरे की। उजाले में अंधेरे की पहाड़ी दिखाई देती है-- उजाले को अपने पास बुलाती, इतने पास कि उजाले की पहाड़ी अंधेरे में ड


अवलोकी अज्ञेय
01-Mar-2016 12:00 AM 153
अवलोकी अज्ञेय

कवि अज्ञेय की एक कविता उद्धरित करता हूँ। इसे स्वतंत्रता संग्राम के दिनों में दिल्ली की जेल में लिखा गया। यह उनकी प्रारंभिक गद्य कविताओं में शामिल है। कविता बयान के शिल्प में रची गयी है--
मैं अ

Next
NEWSFLASH

हिंदी के प्रचार-प्रसार का स्वयंसेवी मिशन। "गर्भनाल" का वितरण निःशुल्क किया जाता है। अनेक मददगारों की तरह आप भी इसे सहयोग करे।

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal | Yellow Loop | SysNano Infotech | Structured Data Test ^