ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
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भिन्न षड्ज...
भिन्न षड्ज...

इस बार इंग्लैंड में लगभग दस वर्षों बाद ऐसी भयानक बर्फबारी हुई है। हमारे शहर वॉलसॉल में भी सड़कों पर आठ-आठ इंच बर्फ जमी थी। जिंदगी की सारी भागदौड़ पर प्रकृति ने विराम-सा लगा दिया था, यों कहूँ कि अपने- ...

01-Jan-2018 02:49 PM 150
कुँवर नारायण श्रद्धांजलि
कुँवर नारायण श्रद्धांजलि

कविता एक उड़ान हैै। यह प्रसिद्ध पंक्तियां मेलबोर्न की साहित्य-संध्या में न जाने कितनी बार कही होंगी। इन पंक्तियों के साथ मैं कुँवर नारायण का क्या परिचय दूँ, खुद "कविता" का परिचय उनके ही शब्दों में द ...

01-Dec-2017 01:26 PM 209
गवाही और जिजीविषा का कवि
गवाही और जिजीविषा का कवि

हिंदी जगत में कुँवर नारायण का परिचय कराने की आवश्यकता नहीं। वे तो हिंदी कविता के एक महत्त्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं, उनको दुनिया की अनेक भाषाओं में अनूदित किया गया है, भारत और विदेशों में उत्कृष्ट पुरस् ...

01-Nov-2017 02:23 PM 259
मृत्यु और संस्कृतियों की रूपांतरण क्षमता
मृत्यु और संस्कृतियों की रूपांतरण क्षमता

समकालीन हिंदी कवियों में सम्भवतः सर्वाधिक सम्मानित कवि कुँवर नारायण इस साल नब्बे वर्षीय हो जाएंगे। दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क स्थित उनका आवास अब भी रचनाकारों, आलोचकों एवं अन्य बुद्धिजीवियों क ...

01-Nov-2017 02:19 PM 243
हस्तक्षेप का कवि विनोद कुमार शुक्ल
हस्तक्षेप का कवि विनोद कुमार शुक्ल

विनोद कुमार शुक्ल समकालीन हिन्दी कविता के महत्वपूर्ण कवि हैं। अपनी कविता में उन्होंने तमाम ऐसे विषयों को जगह दी है, जिसकी जरूरत आज समाज में सबसे ज्यादा है। तेजी से भागती दुनिया में पीछे छूटे हुए लो ...

01-Aug-2017 11:21 PM 684
वैद वेदना
वैद वेदना

कथाकार कृष्ण बलदेव वैद के शब्द मेरी देह पर उड़ती हुई खाक की तरह झरते हैं और यह खाक देह पर ठहरती नहीं, पल-पल उसी में विलीन होती जाती है। आँखों की कोरों पर भाषा के काजल की तरह कुछ देर ठिठकती जरूर है ज ...

01-Aug-2017 11:19 PM 640
नई दुनिया का पुराना कवि
नई दुनिया का पुराना कवि

दो जुलाई 2017 को दिवंगत, 21 फरवरी 1924 को नवलगढ़, राजस्थान में जन्मे और गया बिहार में पले-बढ़े श्री गुलाब खंडेलवाल हिंदी के वरिष्ठतम साहित्यकार थे।
जैसे ही उनके निधन का समाचार मिला तो कई यादें त ...

01-Aug-2017 11:15 PM 648
जे. कृष्णमूर्ति की अन्तर्दृष्टि
जे. कृष्णमूर्ति की अन्तर्दृष्टि

सार्थक और विशिष्ट जीवन में दृष्टि सम्पन्न जीवन-    दर्शन की गुणवत्ता स्वतः समाहित हो जाती है। सत्य की सिद्धियाँ भी जीवन में साधना से ही हासिल होती है। विगत दिनों नीदरलैंड के महत्वपूर ...

01-Aug-2017 11:10 PM 741
बाँसुरी की टेर
बाँसुरी की टेर

श्री अरविन्द कहते थे कि मानव जाति के इतिहास में वह समय भी आता है जब युध्द को मित्र की तरह गले लगाना पड़ता है। गहरे आशय से भरी उनकी यह बात मुझे हिरण्यकश्यपु के वध की याद दिलाती है और कहने का मन होता ...

02-Jun-2017 03:12 AM 753
आते ही जाने वाला
आते ही जाने वाला

हरिवंशराय बच्चन ने - मधुशाला - काव्य रचते हुए गाया -- इस दुनिया में आते ही मैं कहलाया जाने वाला। जल्दी-जल्दी ढलते दिन में बीतता जाता जीवन किसी एक दिन नहीं रहता। वे अपनी कविता में रूप-रस-गंध-स्पर्श ...

01-May-2017 08:27 PM 816
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