ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
श्यामा कुमार
श्यामा कुमार
पटना में जन्म। पटना विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में स्नातक। 1980 में इंग्लैंड पहुँची। समाज की समस्याओं से जूझता उनका मन कविता की दुनिया में सुकून पाता है। एक कविता-संग्रह प्रकाशित। सम्प्रति - बोल्टन में रहती हैं।

आज का शिवाला

पहले थी कतारें,
पात्र हाथ में गोरस का
व्याकुलता रहती, मन में
कब दर्शन होगा अर्घा का।

आज भी दिखती वही कतारें
हाथ में पैसा मेहनत का
मन सबका व्याकुल उतना ही

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