ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
शिकागो की डायरी Next
भारतीय भाषाओं के अखबार

अनेकों बार इस प्रश्न से सामना करती हूँ कि शिकागो में गुजराती, तमिल,
तेलुगु, भाषाओं के अखबार तो छपते हैं, लेकिन हिंदी में कोई अखबार क्यों
नहीं प्रकाशित होता?

ज्ञान का अद्भुत भंडार

पुस्तकालय की आदत बचपन में मम्मी-पापा ने लगायी थी। तब इतनी समझ नहीं थी। छोटी-छोटी किताबें जैसे चम्पक, चकमक पढ़कर और लकड़ी के हाथी, घोड़ा खिलौने खेलकर आ जाया करते थे एकलव्य जैसी शहर की लाइब्रेरी से। पर

शिकागो में रंगमंच की दुनिया

रंगमंच हमें सब कुछ बता सकता है। कैसे देवताओं का स्वर्ग में वास है और कैसे कैदियों की भूल भूमिगत गुफाओं में दुर्बल है। कैसे जुनून हमें तरक्की तक लेकर जाता है और कैसे प्यार को बर्बाद कर सकता है। कैसे

अफ्रीका घूमने का रोमांच

अफ्रीका का नाम सुनते ही अभी भी बहुतों के मन में जंगली जीवन का दृश्य घूमने लगता है। कई सालों पहले काम के सिलसिले में कुछ समय के लिये जोहांसबर्ग शहर देखने का मौका मिला। पहले सोचा, वहाँ की जीवन शैली ब

समाजसेवा के आधुनिक आयाम

सिम्पली वैदिक (च्त्थ्र्द्रथ्न्र् ज्ड्ढड्डत्ड़) जैसा कि नाम से ही उजागर होता है कि "सिंपल लाइफ हाई थिंकिंग।" ऐसी सोच ही इस फाउंडेशन की नींव है। इसी ऊँची सोच के साथ श्रीमती सरिता और श्रीमान नवीन शर्मा

किताबें पढ़ने का अनुशासन

भारत भाषा और संस्कृति की विविधता का देश है। भारत में ऐसे अनेकों महान लेखक, साहित्यकार, कवि, विचारक और दार्शनिक रहे हैं जिन्होंने एक पूरी पीढ़ी को अपनी कृतियों से प्रभावित किया है और नयी पीढ़ी के लिए

साल की छुट्टियां!

पराये देश में अगर कोई देश का मिल जाए तो ख़ुशी होती है, लेकिन अगर कोई अपना ही सगा आपके शहर के नजदीक हो तो इससे बड़ी खुशी की बात क्या होगी। हमने बच्चों की गर्मियों की छुट्टियों अपने भाई के पास जाकर मना

गुम होती पहचान

शिष्टाचार, आदर, संस्कार भारतीय संस्कृति की सुंदर वि¶ोषताएँ कही जाती हैैं, लेकिन आधुनिक समय में क्या यह कोरे ¶ाब्द भर नहीं रह गये हैं? और धीरे-धीर अपनी चमक खो रहे हैं। हर संस्कृति के अपने

अच्छा करने की धुन

शिकागो में अप्रवासी भारतीयों की संख्या बहुत है पर उसमें से कुछेक लोग ही हैं जो अपनी कम्युनिटी के लिए कुछ नया करने की इच्छा रखते हैं। ऐसे ही लोगों में एक नाम है प्रोमिला कुमार जी का। हाल ही में उनसे

शिकागो में होली

हिरण्यकश्यप और प्रह्लाद की पारम्परिक कथा के साथ ही आजकल होली का त्यौहार एक नए रूप में प्रचलित हो गया है। आज के माहौल का प्रखर विचार "लेट ईट गो...' पूरी तरह से होली के त्यौहार को जैसे और रंग भर देने

ध्यान की बहुआयामी छटाए

ध्यान, योग, आध्यात्मिकता, इन सबके बारे में सुनना, देखना, पढ़ना, लगभग हर दूसरे तीसरे दिन हो जाता है, पर इसका व्यक्तिगत अनुभव करने का अभी तक मौका नहीं मिला था। लेकिन हाल ही में मेरे छोटे भाई-भाभी, जो

चिकित्सा सेवा की स्वयंसेवी राह

भारतीय चिकित्सकों ने विश्व को जो दिया उसके बारे जितनी भी बात करें कम है। पूरी दुनिया में भारतीय चिकित्सक अपना उल्लेखनीय स्थान बना चुके हैं। आज अनगिनत भारतीय चिकित्सक पूरी दुनिया में लोगों की सेवा क

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