ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
सम्पादकीय Next
जीवन एक अनुवाद है
जीवन एक अनुवाद है

हमने यह कह तो दिया कि जीवन एक अनुवाद है और अनुभव में भी यही आता है कि जीवन एक अनुवाद से ज्यादा कुछ नहीं। एक सहज प्रश्न उठेगा कि जीवन किसका अनुवाद है। आमतौर पर संसार के जो तीन-चार प्रमुख धर्म हैं वे ...

01-Jun-2018 02:58 PM 150
ऊबे हुए सुखी
ऊबे हुए सुखी

ऊबे हुए सुखी - यह पद आधुनिक हिंदी के अत्यंत महत्वपूर्ण कवि रघुवीर सहाय का गढ़ा हुआ है। यह उनके अनेक लेखों में से एक लेख का शीर्षक है। इसी नाम से उनके निबंधों की एक किताब 1983 में प्रकाशित हो चुकी है ...

01-May-2018 05:15 PM 249
प्रकृति, भाषा और हम
प्रकृति, भाषा और हम

आमतौर पर "प्रकृति" शब्द का अर्थ पर्यावरण मान लिया जाता है। पर अगर हम भारतीय दर्शन पर एक सामान्य दृष्टि डाल सकें तो यह भलीभाँति प्रतीत होता है कि प्रकृति का एक गहन अर्थ समूची सृष्टि का स्वभाव भी है। ...

01-Apr-2018 01:12 AM 381
ख़ुद से पहले हो, ख़ुद के बाद भी हो
ख़ुद से पहले हो, ख़ुद के बाद भी हो

जब आदमी पर संसार की द्वंद्वमयी विविधता का भार नहीं आया था और वह अत्यंत प्राचीनकाल में अपने आपको उस प्रकृति के बीच देखता था जो उसकी पहुँच से बाहर थी और जिसके रहस्यों में वह प्रवेश करना चाहता था - हम ...

01-Mar-2018 01:42 PM 469
हुनर की अभिव्यक्ति
हुनर की अभिव्यक्ति

दुनिया के इतिहास में हुनर हमेशा परम्परा सम्मत ही रहे हैं। यह ज़रूर है कि समय के अनुरूप उपकरण गढ़ने वाली दुनिया में उनकी नयी-नयी अभिव्यक्तियाँ होती रही हैं। आदमी अदिकाल में भी घड़ा बनाता था और उसे आज भ ...

01-Feb-2018 09:18 AM 475
कहीं बोलना बेकार तो नहीं हो गया...
कहीं बोलना बेकार तो नहीं हो गया...

अगर गहराई से विचार करें तो मनुष्य का एक अद्भुत आविष्कार भाषा है। पृथ्वी पर रहने वाले अनेक मनुष्यों ने अपने-अपने भूदृश्यों और आकाश के अनुरूप अपनी-अपनी ध्वनियाँ सुनी हैं, अक्षर बनाये हैं, शब्द गढ़े है ...

01-Jan-2018 01:24 PM 646
भारतीय समाज में रवीश की आवाज़
भारतीय समाज में रवीश की आवाज़

इस समय भारत में रवीश कुमार की आवाज़ घर-घर में गूँज रही है। वे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े हुए एक प्रसिद्ध रिपोर्टर हैं। एक ऐसे समय में जब मीडिया राजनेताओं की भक्ति करने में लगा हुआ है रवीश कुमार भार ...

01-Dec-2017 10:50 AM 647
कवि, समय और भाषा
कवि, समय और भाषा

हिंदी के साहित्य प्रेमियों के लिये यह एक सुखद अनुभूति होनी चाहिये कि इस भाषा के अप्रतिम कवि श्री कुँवर नारायण नब्बे वर्ष की आयु पार कर रहे हैं। पर इसी के साथ एक दु:खद स्थिति भी बनी हुई है कि वे पिछ ...

01-Nov-2017 12:39 PM 773
भाषा का विश्वरूप और हमारा सॉफ्टवेयर
भाषा का विश्वरूप और हमारा सॉफ्टवेयर

भारत में एक दार्शनिक पद्धति यह भी है कि पूरा विश्व शब्द रूप है। हमारे ज्ञानियों और भक्तिकाल के कवियों ने सदियों तक शब्द साधना की है तथा शब्द को पूरी सृष्टि के केन्द्र में जगह दी है। वे अपने अंतज्र् ...

01-Oct-2017 12:26 PM 913
वास्तविक हिंदी सेवी कौन?
वास्तविक हिंदी सेवी कौन?

भारत में हिंदी कभी सत्ता की भाषा नहीं रही। वह सत्ता के विरुद्ध संग्राम की भाषा रही है। इसीलिये अगर वो राजभाषा ना भी बन पाये तो उसमें उसका कोई अपमान नहीं है।
हिंदी का विकास दूसरी भारतीय भाषाओं ...

01-Sep-2017 10:01 AM 893
QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 10.00 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^