ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
रमणी रंजन
रमणी रंजन

1991 में धनबाद, झारखंड में जन्म। एमबीबीएस तथा नवजात शिशु विशेषज्ञ की उच्च शिक्षा प्राप्त की। कविताएँ लिखते हैं। इंग्लैंड में रहने वाले भारतीयों से मेल-जोल बढ़ाने में दिलचस्पी।


हँस के गले लगाऊँ  चलो टहल आएं
हँस के गले लगाऊँ इक लंबी रात दिल की पोटली खोली मैंनेमीठे-तीखे यादों के सिक्के गिरे फर्श पेभूलते-गिनते कशमकश में हीन बीत जाए ये उम्र सारीऐ जिन्दगी, तुझे हँस के ही गले लगाऊँ तो अच्छा है। अक्सर ही नापा है
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