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रमा जोशी
रमा जोशी

30 जून 1942 को लाहौर में जन्म। अंग्रेजी में एम.ए., पंजाब विश्वविद्यालय से बी.टी. तथा बर्मिंघम यूनिवर्सिटी से "मास्टर इन सोशल साइंस" की उपाधि प्राप्त की। लम्बे समय तक बर्मिंघम में अध्यापन एवं प्रशिक्षण कार्य से जुड़ी रहीं और सीनियर लेक्चरर पद से सेवानिवृत्त। रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। कविता संग्रह - "तुम्हारे लिए तुम्हारे बिना" प्रकाशित। कविता संग्रह - "काव्य तरंग" सम्पादित।


घर वाला चेहरा - बाहर वाला चेहरा
घर से बाहर निकलने से पहले आईने में देखती हूँ बाहर वाला चेहरा - अपनी जगह पर है न? दुरुस्त करती हूँ , आँखें, मुँह, हाव-भाव सीधी करती हूँ पीठ, सामना करने के लिए बाहर वाले संसार का एक हल्की मुस्कराहट सहेजे, निकलती
कागज़ के टुकड़े
आज अंजना सफाई करने के मूड में थी। इतने कागज़ जाने कैसे इकट्ठे हो जाते हैं। इनमें से ढेरों तो ऐसे थे, जिन्हें वर्षों से, कभी देखने की, कोई आवश्यकता ही नहीं पड़ी। यहाँ तक कि वह यह भी भूल गई थी कि यह सब उसने संभाल के रखे हैं। ज़्यादातर तो किसी अवसर विशे
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