ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
राधेकांत दवे
राधेकांत दवे
1928 में गुजरात में जन्म। संस्कृत साहित्य में बी.ए., वेदांत में एम.ए. तथा हिंदी से एम.ए.। राष्ट्रभाषा कोविद एवं रत्न की उपाधि। कॉर्नेल वि·ाविद्यालय, अमेरिका से भाषा विज्ञान में पी.एच.डी. तथा टीचिंग फैलो रहे। भावनगर तथा वर्धा में हिंदी अध्यापन किया। कोपनहेगन वि·ाविद्यालय से भाषाविज्ञानी के तौर पर जुड़े रहे। डेनमार्क, इथाका और न्यूयार्क की अनेक संस्थाओं में हिंदू धर्म तथा दर्¶ान के वि¶ोषज्ञ के तौर पर काम किया। साउथ ए¶िायन एसोसिए¶ान ने अनेक रिसर्च पेपर प्रका¶िात किये। गुजराती कविता संग्रह "जीवन गान' तथा सदागत श्री विष्णु प्रभाकर के उपन्यास "कोई तो' का गुजराती में अनुवाद प्रका¶िात। सम्प्रति - कॉर्नेल वि·ाविद्यालय से सेवानिवृत्ति के बाद वहीं निवास।

भारत और पाक़िस्तान के प्रति अणुशस्त्र
भारत और पाक़िस्तान के प्रति समझो बन्दे पाक़िस्तान!समझो बन्दे हिन्दुस्तान!जागो, देखो, आँखें खोलोदुहराना न वही दास्तान! शरीर अलग है तुम दोनों का, अलग रहेगा, यह समझोमन तो फिर भी एक ही ठहरा, एक रहेग
एक कबीर नहीं बना सकते?
रह-रह कर पूछता हूँ तुमसेइतना बनाते रहते हो तुमइतना बनाते रहते हैं हमएक कबीर ही नहीं बना सकते?पूछता हूँ लोगों से मैंजो हैं महान वैज्ञानिकआविष्कारकनूतन तत्वों के निर्माता।पूछता हूँ मैं उनसे
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