ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी
प्रो. डॉ. पुष्पिता अवस्थी
कानपुर में जन्म। पढ़ाई राजघाट, वाराणसी के प्रतिष्ठित जे. कृष्णमूर्ति फाउण्डेशन में हुई। 1984 से 2001 तक वसंत कॉलेज फ़ॉर विमैन के हिन्दी विभाग की अध्यक्ष रहीं। सूरीनाम में आयोजित सातवें वि·ा हिन्दी सम्मेलन की संयोजक। दो दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित। विभिन्न साहित्यिक विभूतियों पर डॉक्यूमेंटरी फिल्मों का निर्माण। जापान, मॉरिशस, अमेरिका, इंग्लैंड सहित अनेक यूरोपीय और कैरिबियन देशों में काव्य-पाठ। सम्प्रति - नीदरलैंड स्थित "हिन्दी यूनिवर्स फाउंडेशन' की निदेशक हैं।
Postbus 1080, 1810 KB , Alkmaar, Netherlands
पालिम्यू जंगल और अमर इंडियन
01-Feb-2017 12:05 AM 2067 पालिम्यू जंगल और अमर इंडियन

तारीखों के इतिहास में बंद पड़ा है अतीत के एक सौ चालीस वर्षों का दर्दनाक इतिहास। अहर्निश होने वाली वर्षा ने धोया है, बहाया है दु:ख-दर्द का इतिहास। लेकिन पानी के धोने और बहाने से नहीं खतम होता है-ऐतिह

डच केरमिस बनाम मेला
01-Oct-2016 12:00 AM 2379 डच केरमिस बनाम मेला

मेला मानवीय संस्कृति का सजग प्रतिनिधि है। मनुष्यता के संरक्षण का विलक्षण पहरुआ है। "मेला" शब्द में सामूहिकता की जीवंत संस्कृति समाहित है। मेले के स्थल पर सभी वर्ग, जाति, धर्म, देश और भाषा के लोग एक

निज भाषा-लिपि स्वाधीनता का मूलाधार
01-Sep-2016 12:00 AM 2448 निज भाषा-लिपि स्वाधीनता का मूलाधार

पराधीनता का चित्त और चेतना से गहरा रिश्ता है। पराधीनता व्यक्ति को जितना पीड़ित और प्रताड़ित करती है। इसके विपरीत, स्वाधीनता उतना ही आह्लादित करती है वह फिर, राजनीतिक हो या व्यक्तिगत। स्वाधीनता वस्तुत

स्वतंत्रता और प्रेम
01-Aug-2016 12:00 AM 332 स्वतंत्रता और प्रेम

प्रेम का जितना सघन संबंध प्रेम से है उससे कहीं अधिक विश्वास से है। विश्वास और आत्मीयता के अपरिहार्य आकर्षण से ही प्रेम की नींव पड़ती है। जिसे सौंदर्य और व्यक्तित्व के मानक अपनी तरह से रचते हैं। जिसम

मेघों का घर नीदरलैंड
01-Jul-2016 12:00 AM 1219 मेघों का घर नीदरलैंड

नीदरलैंड में वर्षाऋतु आती नहीं है वह सर्वदा यहीं रहती है। हमेशाा आकाशा में बिना कोलाहल किए बादलों की क्रीड़ा होती रहती है। कभी उत्तरी क्षेत्र से ठंडी हवाओं के मेघों का दल घुमड़ते हुए आता है और ठंडी ब

महाकुंभ और वैश्विक गांगेय संस्कृति
01-Apr-2016 12:00 AM 180 महाकुंभ और वैश्विक गांगेय संस्कृति

भारत से बाहर विश्व के अन्य देशों के भारतवंशियों और भारतीयों के जीवन में भोलेशंकर बाबा से जुड़े पर्वाें का विशेष माहात्म्य है। हर माह की शिवरात्रि से लेकर महाशिवरात्रि तक का इसमें प्राधान्य रहता है ज

प्रवासी भारतवंशियों की गाथा
01-Jan-2016 12:00 AM 84 प्रवासी भारतवंशियों की गाथा

भारतवंशी विश्व के अनेक देशों में बसे हैं। उनके पूर्वज जीविकोपार्जन के लिए अलग-अलग समय पर अनेक देशों में गए। अनेक तत्कालीन परिस्थितियों से वशीभूत होकर वहीं बस गए। आज वहां के सामाजिक, राजनीतिक और सां

NEWSFLASH

हिंदी के प्रचार-प्रसार का स्वयंसेवी मिशन। "गर्भनाल" का वितरण निःशुल्क किया जाता है। अनेक मददगारों की तरह आप भी इसे सहयोग करे।

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal | Yellow Loop | SysNano Infotech | Structured Data Test ^