ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
प्रियदर्शन
प्रियदर्शन

24 जून 1968 को राँची में जन्म। प्रख्यात पत्रकार, आलोचक। मुख्य कृतियाँ - कहानी संग्रह : उसके हिस्से का जादू। संस्मरण : नष्ट कुछ भी नहीं होता। लेख संग्रह : इतिहास गढ़ता समय। अनुवाद : आधी रात की संतानें (सलमान रुश्दी), बहुजन हिताय (अरुंधति रॉय), कत्लगाह (रॉबर्ट पेन), पीटर स्कॉट की जीवनी। संपादन : पत्रकारिता और अनुवाद। स्पंदन सम्मान से पुरस्कृत।


कृष्णा सोबती के बिना कुछ कम दुनिया रह गई हमारी दुनिया
पिछले दिनों देहरादून में अपने बेटे के फ़्लैट में हमने देखा कि उसकी मेज पर एक उजला टेबल लैंप रखा हुआ है। हमें कुछ संतोष और अभिमान हुआ। यह टेबल लैंप हिंदी की प्रख्यात लेखिका कृष्णा सोबती ने हमें उपहार में दिया था। हमने इसे अपने बेटे के पास भेज दिया-
तुम्हारी हिंदी हमारी मैथिली
मैथिलीभाषी समुदाय इन दिनों बहुत गुस्से में है। कुछ अरसा पहले बिहार में एक अख़बार ने मैथिली को बोली करार दिया। नतीजा यह हुआ कि उस अख़बार के कार्यक्रम के बहिष्कार की अपील की गई और जिन्होंने यह अपील नहीं मानी, उनके मुंह पर कालिख पोतने तक की कार्रवाई हु
मैं वही पुरबिहा हूं जहां भी हूं
केदारनाथ सिंह समकालीन हिंदी कविता के वरिष्ठतम कवियों में हैं। कुंवर नारायण को छोड़कर दूसरा नाम तत्काल याद नहीं आता जो इस वरिष्ठता और निरंतर सक्रियता में उनसे प्रतिस्पद्र्धा कर सके। उनका पहला कविता संग्रह "अभी बिल्कुल अभी" आए आधी सदी से ज़्यादा समय ह
QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 12.00 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^