ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
प्रवीण गुप्ता
प्रवीण गुप्ता

1947 में मेरठ में जन्म। आईआईटी, कानपुर तथा आईआईएम से उपाधियाँ प्राप्त कीं। आध्यात्मिक दर्शन परम्परा तथा साहित्य में विशेष रुचि, कवि गोष्ठियों में सक्रिय सहभागिता। देशप्रेम और प्रेरक विचारों की कविताएँ लिखते हैं।


चल लिये कितने कदम
मानवता की राह पर, बढ़ चलें अब ये कदम,भूलकर निज स्वार्थ हम, थाम लें हर हाथ हमन पैर अपने डगमगायें, न तूफ़ान हमको रोक पाये न समन्दर में हो दम, रोक ले अपने कदमआये पर्वत राह में, लाँघ कर उसके शिखरजब तलक मंज़ि
QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 12.00 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^