ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
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सन्देश के प्रसंग और सन्दर्भ

जब तक प्रसंग और सन्दर्भ का हवाला न दिया जाए तब तक किसी बात का सही अर्थ नहीं खुलता। इसीलिए जब किसी गद्यांश या पद्यांश की व्याख्या की जाती है तो पहले उसका प्रसंग-सन्दर्भ बताया जाता था। कोई 45 वर्ष पह

भाषा का अप्रतिम योद्धा

सिर्फ पांचवी कक्षा तक स्कूल गए हाल ही में दिवंगत तमिलनाडु के पांच बार मुख्यमंत्री रहे एम. करुणानिधि ने तमिल भाषा, साहित्य के जरिए राजनीति और समाज में वह स्थान हासिल कर लिया जो हिन्दी में कोई नहीं क

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