btn_subscribeCC_LG.gif btn_buynowCC_LG.gif

एक दो
01-Dec-2016 12:00 AM 2649     

एक

कई साल पहले किसी ने उसके हाथ में
कुछ कागज़ पकड़ाए थे
जो आज पीले से बीमार पड़े हैं
उसकी ज़ेब में

एक पीला बीमार-सा वातावरण घेरे है
ग्यारह मंज़िल की इस इमारत को
मंत्रमुग्ध-सा
जिस पर से वो कूद गया
मृत्यु की बाहों में समा गया
कुछ इकठ्ठा-सा करते हुए

अपनी मुट्ठियाँ भींच कर उसने
कागजों का मुचड़ा कर दिया
और दूर कहीं शहर के बाहर
गरजे बादल
और बरसे जैसे उन्हें फ़रमान मिला हो
अपनी ज़ेबें ख़ाली करने
और चले जाने को
कहा गया हो उनसे कि
ख़ाली करो अब यहाँ का आसमान

और पीले बीमार से सूर्यास्त को
निर्विघ्न निपटाकर
वो चले गए सचमुच ही।

दो

कुर्सी पर बैठे-बैठे मैं घूरता रहा
टेबल पर से चीनी ले जाती चींटियों को
संध्या के धुंधलके में
दूर किसी पट्ठे ने किसी खिड़की का
शीशा तोड़ दिया है
कोई बेतहाशा चिल्ला रहा है
शीतलहर से कतराकर
कुछ दरवाजे-खिड़कियाँ मिमियाते हैं

तुम्हारे जाने से पहले मैंने
बेहद महत्वपूर्ण चीज़ें
खिसका दीं थीं बिना देखे ही किसी ताक में
चेहरे की सलवटों के बीच जैसे पसीना
फटे गूदड़ों, धूल सने नट-बोल्टों,
बरसों से न बदले गए अख़बार के चीथड़ों में
वैसे ही ठूंस दिए
समय की पतली-पतली परतों के बीच
कई नाज़ुक सामान
जिनका अस्तित्व घटता है
हर चन्द्रग्रहण के बाद आधा

पड़ोसी की कंटीली बाड़ में फंसी
शाखों का खड़खड़ाना
एक झूठा संकेत
दादी माँ के मन में उठने वाले संकळप
बैसाखियों के सहारे मष्तिष्क में उतरे
पुराने झंझट और झंझावत
जड़ता की खाइयाँ लांघता
मेरा हाथ लपक कर बढ़ा
ताकों में से खींच निकालने को
अपरिहार्य चीज़ें,
जिनके बिना एक कदम नहीं चलना मुझे

वहां पर अब कोई गूदड़ नहीं
कोई धूल नहीं, कोई ताक नहीं
ठन्डे जमे अँधेरे में ढूँढते हाथों का
प्रतिरोध करती हवा, बस।

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 19.09.26 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^