ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
निवेशक मित्र और विकास में सहभागी हैं
01-Feb-2016 12:00 AM 3191     

प्रश्न - मध्यप्रदेश में प्रवासी भारतीयों की पूंजी निवेश की आपकी महत्वाकांक्षी योजना में सिंगापुर यात्रा की उपलब्धि के बारे में क्या कहेंगे।
उत्तर - देखिये मैं सिंगापुर सरकार के नियंत्रण पर गया था। मध्यप्रदेश ने सिंचाई, कृषि, महिला सशक्तिकरण समावेशी विकास के क्षेत्र में जो उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं उसके लिये "ली-क्वान यू एक्सचेंज फैलोशिप' ग्रहण करने गया था। सिंगापुर से मध्यप्रदेश के व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत हो गये हैं। सिंगापुर ने कुछ क्षेत्रों में सहयोग का आ?ाासन दिया है। फिलहाल चार क्षेत्रों में सहयोग के लिये बात हुई है - खाद्य संस्करण, नवकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी और शहर नियोजन। मध्यप्रदेश में स्मार्ट शहरों का विकास हो रहा है। इस दृष्टि से ऐसे समय में सिंगापुर का सहयोग महत्वपूर्ण है।
इसके अलावा कौशल विकास में भी परस्पर सहयोग की बात हुई है। सस्ते मकान निर्माण बनाने में, शहर विकास, नियोजन में, शहरी जल प्रबंधन, ग्रामीण पेयजल में कई कंपनियां सहयोग के लिये तैयार हो गई हैं। कई कंपनियां भारतियों की हैं। इस दृष्टि से सिंगापुर की यात्रा निवेश के लयिे काफी उत्साहजनक रही।
अन्य प्रदेश सरकारें प्रवासी भारतीयों को "इन्वेस्टमेंट' करने के लिये विशेष सुविधाएँ प्रदान कर रही हैं। क्या मध्यप्रदेश में भी ऐसी कोई विशेष योजना है।
हमने औद्योगिक निवेश की नीति को बहुत उदार बनाया है। कई प्रकार के करों में छूट दी गई है। बिजली, पानी सड़क जैसी आधारभूत अधोसंरचनाओं को मजबूत किया है। निवेश प्रस्तावों पर जल्द से जल्द कार्रवाई के लिये सिंगल विंडो प्रणाली को और प्रभावी बनाया है। मंत्रालय में विशेष प्रकोष्ठ काम कर रहा है जो निवेशकों की सभी तरह की कठिनाइयों का समाधान देने में सक्षम है। मैं मंत्रालय में व्यक्तिगत रूप से निवेशकों से मिलता हूं। हर बड़े निवेश के लिये एक वरिष्ठ अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है।
हाल ही में आगरा में 4 से 6 जनवरी 2016 को पहला "उत्तरप्रदेश प्रवासी भारतीय दिवस' का मनाया गया। इस तरह के आयोजन की सार्थकता को आप कैसे देखते हैं।
देखिये विदेश में रह रहे प्रवासी प्रथमत: भारतीय हैं। दूसरा यह कि जिस प्रांत से वे आते हैं उस प्रांत से उनका भावनात्मक लगाव होना स्वाभाविक है। हमने देश में सबसे पहले "फ्रैंड्स ऑफ एमपी' फोरम बनाया। इस फोरम से मध्यप्रदेश के विकास में रुचि रखने वाले कई लोग जुड़ गये हैं।
अक्सर ही प्रवासी भारतीय उद्योगपति सरकारी "इन्वेस्टमेंट समिट' में बढ़-चढ़कर एमओयू साइन करते हैं, लेकिन ज़मीनी तौर पर गिने-चुने ही प्रारंभ हो पाते हैं। इस बारे में आपकी क्या रणनीति है।
जहां निवेश की संभावनाएं नजर आयेंगी उद्योगपति वहीं जायेंगे। निवेश संभावनाओं के अलावा यदि उन्हें आधारभूत अधोसंरचनाओं का मजबूत ढांचा दिखता है और निवेश हितैषी नीतियां दिखती हैं तो वे चाहते हैं कि हम पहले निवेश करें। हमने पूंजी निवेश आकर्षित करने के लिये विगत पांच सालों में तीन ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया। इनके सकारात्मक परिणाम भी मिले हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2014 के दौरान प्राप्त हुए निवेश प्रस्तावों में से लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये पूंजी का निवेश प्रस्तावित है। इन प्रस्तावों में से 3 हजार 372 करोड़ रुपये की 41 परियोजनायें क्रियाशील हो गई हैं और 71 हजार 277 करोड़ रुपये की 106 परियोजनायें क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं। प्रदेश में रिलायन्स, जानडियर, व्हीई कार्मिशियल, हिंडालको इण्डस्ट्रीज, भारत ओमान रिफाइनरी, एसईएल मैन्युफेक्चरिंग और ल्यूपिन फार्मा केयर आदि अनेक इकाईयां सफलतापूर्वक अपना उद्योग संचालित कर रही हैं। जाहिर है कि औद्योगिक परिदृश्य तेजी से सकारात्मक रूप से बदल रहा है। हमारी रणनीति है कि हम निवेशकों को अपना मित्र मानते हैं। हमारे आर्थिक विकास में उन्हें सहभागी मानते हैं।
दुनियाभर के विकसित देशों के "वर्क कल्चर' और हमारे देश के कामकाज की शैली अक्सर ही प्रवासी उद्योगपतियों को यहां आने से रोकती है। आप इसे कैसे देखते हैं।
जैसा मैंने कहा कि हमारे यहां पिछले दस साल में वातावरण बदला है। कार्य संस्कृति भी विकसित हुई है। औद्योगिक शांति है। आज हर उद्योगपति मध्यप्रदेश में निवेश करना चाहता है। न सिर्फ भारत से बल्कि विदेशों से भी निवेशक आ रहे हैं।
सिंगापुर यात्रा के दौरान प्रदेश में पूंजी निवेश के किन-किन क्षेत्रों में समझौते हुए हैं।
मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को देखते हुए सिंगापुर में कार्यरत 22 प्रमुख कंपनियों के प्रमुखों से मैंने चर्चा की। मुख्य रूप से सबके लिये आवास परियोजना, खाद्य प्रसंस्करण, शहरी नियोजन, गाँवों के पेयजल के लिये पायलट प्रोजेक्ट लागू करने, शहरी जल प्रबंधन, कौशल विकास और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश होगा।
मध्यप्रदेश में किन क्षेत्रों में प्रवासी भारतीयों को पूंजी निवेश के लिये आप आमंत्रित करना चाहेंगे।
वैसे हम हर क्षेत्र में निवेश का स्वागत करते हैं लेकिन कुछ क्षेत्रों में संभावनाएं ज्यादा हैं जैसे पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, ग्रीन ऊर्जा, कौशल विकास, इलेक्ट्रानिक निर्माण और अधोसंरचना निर्माण। निवेश के लिये सभी जरूरी आवश्यकताएं हमने पूरी कर दी हैं।
मध्यप्रदेश मूल के प्रवासी भारतीय कितने देशों में निवासरत हैं। क्या उनकी विस्तृत जानकारी जुटाने की कोई योजना है।
राज्य सरकार चाहती है कि हमारे प्रदेश से जो लोग किसी भी कारण से विदेश गये हों और वहां बस गये हैं वे मध्यप्रदेश से भी किसी न किसी रूप में जुड़े रहें। हमने अप्रवासी भारतीय विभाग की स्थापना की है। "फ्रैंडस ऑफ मध्यप्रदेश' जैसे फोरम स्थापित किये हैं। जैसे-जैसे हमारी सांस्कृतिक, अकादमिक आदान-प्रदान की गतिविधियां बढ़ेंगी निवेश बढ़ेगा हमारा डाटा बैंक मजबूत होता जायेगा।

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