ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
नवोदिता माथुर
नवोदिता माथुर
मेरठ में जन्म। एम.एस-सी. (बायोकेमिस्ट्री), सी.ए.आई.आई.बी.। वनस्थली विद्यापीठ, राजस्थान, भारतीय विद्याभवन, मुंबई में और हाफ्किन इंस्टीट्युट, मुंबई में अध्ययन। आर.एम.आई.टी. यूनीवर्सिटी, आस्ट्रेलिया से डिप्लोमा इन फाइनें¶िाअल प्लानिंग। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में विज्ञान संबंधी अनेक आलेख प्रका¶िात। सम्प्रति - सिंडिकेट बैंक में प्रबंधक के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद आस्ट्रेलिया में निवास। सम्पर्क : 15 डोरसेट ड्राइव, अल्फ्रेडटन, विक्टोरिया, 3350, आस्ट्रेलिया।

बुजुर्गों से कुछ बातें
क्या विडम्बना है कि नितांत असहाय शिशु के रूप में जन्म लेने वाला मनुष्य पहले तो बढ़ते-बढ़ते, "वृद्धि" करते-करते उस स्थान तक पहुँच जाता है जहां केवल वह ही नहीं, उससे संबंधित लोग भी उसे शक्ति का पुंज समझने लगते हैं, पर बाद में इस "वृद्धि" की परिणति यह
साधो, सहज समाधि भली
प्रायः महापुरुषों के अनेक रूप होते हैं। कबीर के भी अनेक रूप हैं। किसी के लिए वे दैनिक जीवन के लिए उपयोगी सूत्र देने वाले कवि हैं, तो किसी के लिए एक वि¶ोष पंथ के प्रवर्तक। किसी के लिए वे वर्तमान हिंदू धर्म की मान्यताओं (मूर्तिपूजा, जप, माला, त
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