ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
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देशाटन का आनंद है अलग
देशाटन का आनंद है अलग

भारत की संस्कृति एक आत्मसंबद्ध निरंतर संस्कृति है इसलिए यहां का हर क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से हर दूसरे क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। हम देश के दूसरे इलाके में भोजन करते हैं, तो हम नए स्वाद का अनुभव करने क ...

01-Aug-2016 12:00 AM 496
झूठ का समाजशास्त्र
झूठ का समाजशास्त्र

कवि ¶ाुंतारी तानी कावा ने अपनी एक कविता में लिखा है : "कुछ बातें हम झूठ बोलकर ही कह सकते हैं।' बात सही है सचमुच कुछ ऐसी बातें होती हैं, जो बोली ही नहीं जा सकतीं। उन्हें प्रकट करने के लिए झूठ क ...

01-May-2016 12:00 AM 1441
बिना सम्मान समता का मूल्य नहीं
बिना सम्मान समता का मूल्य नहीं

हमारा यह समय अन्याय चीजों के लिए जाना जायेगा। मसलन बाजार के घर के कोनों तक में घुस आने के लिए, बुद्धि के तिरस्कार के लिए पुस्तकों की अवमानना के लिये, बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियों के स्थापित होने के लिए, परम ...

01-Mar-2016 12:00 AM 367
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