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श्रीमान रूसो अनुवाद फ्रांत्स होलर क्षिप्रा चतुर्वेदी
01-Oct-2019 11:45 AM 493     

अन्दर आओ, क्लॉउडे, और यहाँ मेज़ पर बैठो, मैं ब्रश साफ़ कर लूँ फिर तुरंत आता हूँ। क्या मारी लिज़े साथ नहीं आई? उसे कपड़े धोने में माँ की मदद करनी थी। और ऑयजीने? क्या उसे फिर से स्कूल में रुकना पड़ा। बेचारी, शायद उसने फिर से कोई शैतानी की होगी अध्यापक के साथ? ओह, फिर? उनकी दाढ़ी में अंडे की जर्दी थी? हाँ इन्सान को इस बात का ध्यान रखना चाहिए, वे ये सब सुनना नहीं पसंद करते हैं, अध्यापकगण, चाहे वह सच ही क्यों न हो। ठीक है, चलता है, रंगों वाला डिब्बा एक तरफ़ खिसका दो तो तुम्हारे चित्र बनाने के लिए जगह हो जाएगी...
यह यहाँ? एक सँपेरिन। क्या ये होती हैं? ओह हाँ, आदि जंगल इनसे भरा पड़ा है। भारत में यह काम पुरुष करते हैं, आदि जंगल में महिलाएँ। वे सब ईवा की संतानें हैं, वे साँपों से बात कर सकती थीं। नहीं, यह यहाँ वाली नहीं बोलती, यह सिर्फ बाँसुरी बजाती है, पर अद्भुत, सुन रहे हो? हाँ, हाँ मैंने बिलकुल सोच लिया है, मैं तुम्हारे लिए इसे वायलिन पर बजाऊँगा। (दराज वाली अलमारी में से वायलिन निकालता है और एक धुन बजाता है) तो, अब तुम क्या कहते हो? वहाँ सांप कुछ अलग तरह के नहीं हो सकते, वहाँ भी वे अपने पेड़ों के बिलों में से बाहर निकल आते हैं और पेड़ों से नीचे उतरते हैं। तस्वीर में धुन नहीं सुनाई पड़ रही? बिल्कुल, मैं तुम्हें विश्वास दिलाता हूँ कि जब यह तस्वीर तैयार हो जाएगी, तो यह गाने लगेगी। तो हाँ, यह स्त्री कपड़े क्यों नहीं पहने है? वैसे क्या आदि जंगल में इसकी ज़रुरत है? वहाँ ऐसी गर्मी है, ऐसी उमस भरी गर्मी कि मैं बता रहा हूँ वहाँ पर कमीज़ शरीर से चिपक जाएगी। मैंने खुद अनुभव किया है, जब हम सेना में थे और मैक्सिको में हम लड़ाई कर रहे थे, यह कुछ समय पहले की बात है, पर मैं जब आँखें बंद करता हूँ, तो सब कुछ फिर से सामने आ जाता है। अच्छा, तो मैं तुम्हारी इस बांसुरी वादिका को शायद एक सुन्दर-सा दुपट्टा और देना चाहूँगा। यह इतनी साँवली क्यों है? ताकि तुम इसे आँखें फाड़-फाड़ कर न देखो, मेरे प्यारे...
तो, आज हम अकेले हैं, हम दोनों। मुझे दिखाओ, तुम क्या लाए हो? माँ की बनाई हुई फ्लाम्कुखेन? हाँ, वे तो एल्सास की रहने वाली हैं, हैं न? उनकी बड़ी कृपा, मैं उन्हें दिल से धन्यवाद देता हूँ, मेरी अन्नपूर्णा, पर मुझे लगता है क्या तुम घर पर एक बिल्ली का चित्र नहीं बनाने वाले थे? दिखाओ...
ओह, यह रहा। यह कतई खराब नहीं है मेरे दोस्त, यह कतई बुरा नहीं है। बिल्ली चूहेदानी के सामने बैठी है और चूहेदानी में पनीर का टुकड़ा लिए हुए पकड़ा गया एक चूहा, बहुत अच्छा सोचा तुमने, यह एक छोटी-सी कहानी है...
तुम्हारे पिताजी तुम पर हंस रहे थे? हाँ, मैं कल्पना कर सकता हूँ, क्यों, क्योंकि तुमने बिल्ली पर नीली धारियाँ बनाई हैं और उन्होंने कहा कि नीली धारियों वाली बिल्लियाँ नहीं होतीं-मैंने सही कहा न? देखा, और तुमने ये बिल्ली पर नीली धारियाँ क्यों बना दी हैं? अच्छा, तो तुम इसे लाल बनाना चाहते थे पर तुम्हारे पास सिर्फ एक नीली और एक हरी पेंसिल बची थी? हरी पेंसिल का इस्तेमाल तुमने बिल्ली के पीछे रखे हुए गमले वाले पौधों को रंगने के लिए किया। समझा। मेरे प्रिय क्लाउडे, तुम्हारे पिता दरअसल ठीक ही थे : नीली बिल्लियाँ नहीं होतीं। वास्तविकता में। पर तस्वीर में तुम्हें सिर्फ एक बिल्ली रंगनी चाहिए और वह है बस इतनी सी बात है और अब यह तस्वीर ठीक भी है।
पिछले पंजे बनाने में तुम्हें कुछ परेशानी हुई, हैं न? खास बात यह है कि यह दिख रहा है कि बिल्ली बैठी है। तुम लोगों की बिल्ली शांत नहीं बैठी है। जानवरों के साथ यही मुश्किल है- तुम्हें लगता है कि जब पेंटिंग करता हूँ तो मेरे शेर शांत बैठे होते हैं, कैसे वे शिकार पर टूट पड़ते हैं? इसके लिए मेरे पास किताबें हैं, देखो, यह एक जंगली जानवरों के बारे में है, इसमें लगभग 200 चित्र हैं, उसमें सब कुछ है, जिराफ से लेकर वर्मी तक, या फिर ये पत्रिकाएं, वो वहाँ, उनमें मुझे कुछ बहुत रोचक मिला, कहाँ गया, ओह ये रहा, इस चित्र को देखो, एक बाघ एक बैल पर टूट पड़ा है, अगली बार मैं कुछ ऐसा बनाना चाहता हूँ, उसका खाका मैंने पहले ही तैयार कर लिया है, वो रहा, उसे मैंने कॉपी में रख दिया है। क्या तुम्हें कोई फ़र्क नज़र आया? बिलकुल सही, कॉपी में बाघ दाहिनी ओर से कूद रहा है और मेरे चित्र में यह बाँई ओर से आ रहा है। बैल को इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता, कि उसे बाँई या दाहिनी ओर से खाया जाए। हाँ आदि जंगल सुन्दर है, पर निष्ठुर, बाघ कैसे जिए? उसे एल्सास की भद्र महिला से फ्लामकुखेन नहीं मिलती या फिर किताब में यह अमरीकी चीता एक आदिवासी पर हमला कर रहा है, इसे भी मैं कभी ज़रूर बनाऊँगा, सब कुछ पहले से है ही, पर मैं तो सिर्फ़ तुम्हें बता रहा हूँ।
और बाद में हम तुम्हारे लिए बड़े लारूसे एक बिल्ली ढूँढेगे ,उसमें निश्चित रूप से हमें एक चूहा भी मिल जायेगा-तुम्हारे पिताजी ने कहा था चूहा बहुत बड़ा है? कुछ हद तक वे ठीक भी हैं, तुम्हारा चूहा आधी बिल्ली के बराबर है पर जानते हो, तुम्हारी तस्वीर वास्तव में चूहे की कहानी बयाँ कर रही है न कि बिल्ली की। वह डरी हुई है, यह उसकी बड़ी-बड़ी आँखों में दिख रहा है और कमरे के पौधों के पत्ते बहुत बड़े हैं और यह चिड़िया, जो उस पर गा रही है, वह घरों में नहीं पाई जाती। अगर तुम्हें ऐसी चीज़ों के चित्र बनाना है तो घर में एक चिड़िया रखो। हाँ, तुम्हारे पिताजी ने वास्तविकता की बात की, जिसे कि वे जानते हैं। पर, जब तुम रंगते हो क्लाउडे, तो तुम एक अपनी वास्तविकता रचते हो। तुम्हारा बड़े पत्तों वाले कमरे का पौधा बहुत सुन्दर है वह बढ़ रहा है और जिन्दा है और उस पर नन्ही चिड़िया गा रही है और रह रही है, और इस बीच चूहा मृत्यु को प्राप्त होता है, जैसे कि आदि जंगल में बैल।
हम जिन कहानियों का अपने चित्रों में चित्रण करते हैं अक्सर लोग उसे समझ ही नहीं पाते। जानते हो, पहले चित्र का शीर्षक क्या था, जो दो साल पहले मैंने प्रेस में प्रस्तुत किया था? उन्होंने उसके नीचे सिर्फ इतना भर लिखा "भूखा शेर", पर मेरा पूरा शीर्षक है "भूखा शेर चिंकारे पर टूट पड़ा और उसे खा गया"; तेंदुआ उत्सुकतापूर्वक उस पल की प्रतीक्षा में है, जब वह भी उसमें से अपना हिस्सा ले सकता है। शिकारी पक्षी ने बेचारे जानवर के शरीर से एक टुकड़ा नोच लिया है, जिसे देख कर आंसू बह निकलते हैं। सूरज ढल रहा है। लोग जो देखते हैं उसके बारे में उनको बताने में कोई हर्ज़ नहीं है, अन्यथा वे समझ ही नहीं सकेंगे कि मेरे चिंकारे की पीठ पर दो खूनी धारियों का क्या मतलब है।
तुम भी आदि जंगलों का चित्र बनाना चाहते हो? बहुत अच्छे, तो हम अभी ही इसकी शुरूआत करते हैं, दुनिया में मौजूद सभी चीज़ों में से सूर्य और स्त्रियों के अलावा आदि जंगल सबसे खूबसूरत चीज़ है। सूर्य को तुम जानते ही हो, है न? तुम ऐसे खांस क्यों रहे हो? फिर से शुरू? ओह मैंने अभी-अभी देखा कि मेरे पास और पन्ने नहीं हैं, और कागज़ आदि बेचने वाले गिस्बर्ट से जब तक कि उसका ऋण नहीं चुका देता, मुझे कुछ नहीं मिलने वाला और फोइनेट, रंग बेचने वाला, मुझे कतई रंग नहीं देगा। मुझे पता नहीं किसने ऋण की खोज की, अवश्य ही किसी उपकारी फरिश्ते ने। पर जब यह संपेरिन तैयार हो जाएगी, मैं सब कुछ अदा कर पाऊँगा, यह एक पक्का अनुबंध है जो चित्रकार रोबर्ट की माँ, एक कुलीन धनाढ्य स्त्री, ज़ाहिर है अवश्य ही एक उच्च अभिरुचि रखने वाली स्त्री, ने मुझे दिया है।
दरअसल, मेरे दोस्त, तुमने आदि जंगल की शुरूआत अपने चित्र में कर ही दी है, अब बस थोड़ा और आगे बढ़ो और पेड़ पर तब तक पत्ते रंगों से जब तक कि कमरा भर न जाए! क्यों नहीं? तुम्हारे पिताजी तुम पर फिर से हँसेंगे? क्या मैं तुम्हे कुछ बताऊँ, मेरे नन्हे चित्रकार? "ज़ालों द इन्डेपेंडेंन्ट्स" की वसंत ऋतु की बड़ी। प्रदर्शनी में, जहाँ सैकड़ों चित्र रखे होते हैं, मैं अपने चित्रों की प्रदर्शनी करता हूँ तो क्या तुमको पता है कि वहाँ तुम मेरे चित्रों को कैसे ढूंढोगे? तुम्हें सिर्फ ठहाकों का पीछा करना होगा। मेरे चित्र के सामने लोग खड़े होंगे और हँसते-हँसते दोहरे हो रहे होंगे! क्यों? क्योंकि उन्हें जिसकी उम्मीद थी उससे वे बिलकुल अलग चीज़ देख रहे हैं। देखो, वह मोटा बच्चा! और वह बड़ा कुत्ता, और अपने-अपने कार्निवाल पोशाकों में प्रतिनिधि, और कैसे वह चित्रकार मॉडल के सामने उकडूँ बैठा है, मानो उसने पैन्ट में ही कर दी हो, और ये बन्दर, कैसे आदि जंगल में से बेवकूफों की तरह देख रहे हैं! यह कोई कला है? हाँ, तब मैं खुद से कहता हूँ या तो लोग मूर्ख हैं या मैं। और पता है तब मैं लोगों को उंगली से छूता हूँ। जब तुम्हारी हंसी उडाई जाती है तभी समझ में आता है कि तुम कलाकार हो-तुम खांस क्यों रहे हो? फिर से शुरू?
तो क्लाउडे, अगर तुम कमरे में रखे पौधे में और पत्ते न बनाना चाहो तो चूहेदानी के पीछे पौधे सहित एक और गमले के लिए जगह निकल आएगी। मैं तुम्हें बताऊँ, कल मैं कब्रिस्तान गया था, अपनी योज़ेफिन के पास, चार वर्षों से जिसका वही घर है, और जब पतझड़ का मौसम होता है, जो कि अभी है, मैं कुछ रंगीन पत्ते ध्यान से उनका अध्ययन करने के लिए घर ले आता हूँ। मैं कभी किसी कला अकादमी में नहीं गया, पर उसकी जगह मैं अभी भी स्कूल जाता हूँ और तुम्हें पता होना चाहिए, मेरी शिक्षिका है। कृति, एक कलाकार के रूप में तुम्हें हमेशा शिक्षार्थी होना चाहिये, जीवन भर, ध्यान रखना। यहाँ कल के पत्ते रखे हैं, अब उन सबको ध्यान से देखो, उनमें से एक को बारीकी से देखो,और यथासंभव वैसा ही बनाने की चेष्टा करो, ठीक है? यह यहाँ वाला? ठीक है, यह एक यूरोपीय रोवान वृक्ष का पत्ता है, एक पंख, एक टहनी जिसमे नौ अलग-अलग नुकीली पत्तियां हैं, सुर्ख लाल, यह तुमने बिलकुल सही समझा।
जानते हो, ये पत्ते मुझे आदि जंगल के लिए चाहिए? क्यों? ये चित्र को रोचक बना देते हैं और फिर भी घने जंगल जैसा प्रभाव पैदा करते हैं। मैं अपनी संपेरिन के जंगल में अभी एक और डालता हूँ, कहाँ? यहाँ, बड़े साँप की पूँछ के पीछे, फिर हम दोनों एक सुन्दर सी नुकीली पत्ती बनायेंगे, मेरी वाली हरी है क्योंकि आदि जंगल में पतझड़ नहीं होता, और तुम्हारे लिए मैं तुम्हें लाल पेंसिल देता हूँ। तब तक तुम अगले कुछ घंटों में कुछ पत्तियाँ इकट्ठी बना लो, पर चित्रकारी का मतलब है धैर्य। कला के मामले में यह दरअसल सबसे कठिन बात है। मुझमें धैर्य की बहुत कमी है यह मैं स्वीकार करता हूँ। मुझमें धैर्य की इतनी कमी है कि कभी-कभी मैं अपने दिन में पहने हुए कपड़ों में ही सो जाता हूँ ताकि कपड़े उतरने और पहनने में मुझे वक्त ज़ाया न करना पड़े।
लोग मुझसे यह भी कह चुके हैं कि मैं जो फूल पत्तियां बनाता हूँ वो आदि जंगल में होते ही नहीं, और तुम्हें क्या लगता है, मैं इसका प्रतिरोध कैसे करता हूँ। क्या आप कभी मेक्सिको के आदि जंगल में गए हैं? (हँसता है) और तब अधिकतर लोग कुछ नहीं कहते, क्योंकि मेक्सिको के अक्षत अरण्य में कौन गया होगा। और मेरे दोस्त, क्या तुम सच जानना चाहोगे? मैं भी कभी नहीं गया। न ही मेक्सिको और न ही मेक्सिको के आदि जंगल। यह तो मैं इसलिए कह देता हूँ क्योंकि जिन दिनों मैं सेना में था तब वह मेक्सिको में लड़ाई कर रही थी। यह मेरा सौभाग्य था कि मुझे मेक्सिको नहीं जाना पड़ा, वहाँ कई लोगों ने अपनी जानें गँवाईं, लावाल स्कूल के मेरे दो दोस्त, लुहार का बेटा ज्याँ-फिलिपे, और पास्कल जिसके पिता लेखाकार थे। कक्षा में सबसे बेवकूफ और सबसे होशियार, दोनों पकड़े गए। अफ़सोस, क्लाउडे, दुनिया बड़ी निर्मम है और युद्ध एक अभिशाप। मेक्सिको में यदि कोई यूरोपी सम्राट का शासन होता तो इससे ज्याँ-फिलिपे या पास्कल को क्या फ़र्क पड़ता? उन्होंने फिर भी माक्सिमिलियन को गोली मारी। मुझे लगता है राजाओं के पास इस बात का अनुमान लगाने लायक कल्पना-शक्ति नहीं है कि एक युद्ध का क्या अर्थ है। जब कोई राजा युद्ध करने की इच्छा करे तो एक माँ को उसके पास ज़रूर जाना चाहिए और उसे ऐसा करने से रोकना चाहिए।
शायद राजा हम लोगों से यह सीख सकें, क्योंकि कल्पना-शक्ति हमारा औजार हैं जैसे रंग और ब्रश। आदि जंगल का चित्र बनाने के लिए तुम्हें वहाँ जाने की ज़रुरत नहीं है। यही तो कला की विशेषता है : यह सब तुम्हारे दिमाग में होना चाहिए, आदि जंगल, आपकी कल्पना में, पर इसको सही तरह से कैनवास पर उतारना भी चाहिए।
जब मैं अपने आदि जंगल में होता हूँ तो मुझे बहुत गर्मी लगती है, क्या तुम ज़रा खिड़की खोल दोगे?। धन्यवाद, और जब तुम खिड़की से बाहर देखते हो तो क्या दिखता है तुम्हें? मोंत्पर्नास्से का स्टेशन। क्या यह अद्भुत नहीं है? बाहर आधुनिक काल, एक स्टेशन, जहाँ रेलें आ-जा रही हैं, जहाँ इंजन सीटी बजा रहे हैं और धुआँ छोड़ रहे हैं, और यहाँ अन्दर, हम कलाकारों के यहाँ एक जंगल और एक चूहेदानी एक नीली बिल्ली। तुम फिर से खांस क्यों रहे हो? क्या इंजन का धुआँ? शानदार, यह स्वच्छ हवा, वर्ना इस उष्णप्रदेशीय उमस से मेरा दम घुट जाता। फिर से शुरू? अच्छा, ठीक है, तुम्हारा पहला पत्ता, मैं देख रहा हूँ, ऐसे ही आगे बढ़ते चलो, क्लाउडे, बस आँखें खोलो : वह सब कुछ जो तुम देखते हो, तुम्हारा है। बताओ, क्या तुम्हारी माँ तुम्हारी खांसी की वजह से तुम्हें डॉक्टर के पास लेकर कभी नहीं गईं? अच्छा, बहुत पैसे लगते हैं।
मुझे देखना पड़ेगा, कि मेरा हरा नुकीला पत्ता उधर गहरे हरे रंग में से निकल आए और बहुत हल्का भी न हो, क्योंकि मेरी तस्वीर में इस समय रात है और यह रौशनी जो आ रही है वह पूनम के चाँद से आ रही है। मुझे लगता है, मैं इस पत्ते को पीछे की तरफ थोड़ी नीलिमा दे दूं, वहाँ से जिसका इस्तेमाल मैंने वहाँ नीचे उन दोनों फूलों के लिए किया है।
कुछ शब्द हमारी भाषा में बहुत व्यापक हैं। अगर तुम हरा कहते हो, तो यह ऐसा ही है, जैसे जब तुम पेड़ कहते हो तब तुम्हें यह नहीं पता होता कि यह एक वासच्छाय वृक्ष है, भोजवृक्ष है, ताड़ का पेड़ है या एक रोवन वृक्ष। तुम्हें क्या लगता है?। तुम्हारे लाल पत्ते को किनारों पर कुछ पीला होना चाहिए था? बहुत अच्छा, क्लाउडे, तुमने बहुत अच्छे से इसका निरीक्षण किया है, मैंने तुम्हें तभी एक पीली पेंसिल क्यों नहीं दे दी थी। यह यहाँ रही, और हिचको मत, उस लाल वाले में रंग दो, पर बहुत गहरा मत कर देना, और यदि यह ज्यादा गहरा हो जाए तो उस पर लाल वाली एक बार और चला देना।
दरअसल हर रंग एक मिश्रण है। जब मुझे रोबर्ट की माँ से पैसे मिलेंगे तो फोइनेट के पास जाऊंगा और अपने लिए कुछ रंग खरीदूंगा, उसके पास सिर्फ़ हरे रंग अलमारी भरे पड़े हैं। हल्का हरा, गाढ़ा हरा, अंग्रेजी हरा, फ़र के पेड़ जैसा हरा, घास जैसा हरा, काई जैसा हरा, पेस्टल हरा, पन्ने जैसा हरा, ज़हरीला हरा। पर अपने लिए हरा मैं हमेशा स्वयं बनता हूँ, जिनको और भी नाम मिलने चाहिए, नीचे बाँई ओर बगुले के पास, ये गूदेदार पत्ते, ये मांसल हरे रंग में कैसे लगते? और यह घास? और यह पानी? मछली जैसा हरा? और संपेरिन के गले में लिपटा हुआ यह साँप? साँप जैसा हरा? भेंक जैसा हरा, जंगल जैसा हरा? तुम जानते हो मैं कविता भी लिखता हूँ? यहाँ तक कि नाटक भी। पर भाषा में चित्रकारी से कुछ कम रंग हैं। तुम खांस रहे हो। यह रूमाल यहाँ रखा है यह ले लो। मुझे यह सुनना अच्छा नहीं लगता, क्लाउडे मेरे नौ बच्चों में से सात खाँसते थे। बड़े सिर्फ दो ही हो पाए और आज सिर्फ मेरी बेटी जिन्दा है, युलिया, जिसने एक व्यापारी से शादी की है। आन्गेर्स में एक ओछी सी ज़िन्दगी बिता रही है और उसे अपने पिता पर शर्म आती है, क्योंकि वह सोचती है, कलाकार सनकी होते हैं। मैं तुन्हें बताऊँ, क्लाउडे, शायद तुम्हारे पिता भी ऐसा ही सोचते हैं, पर इस बात से तुम्हें उन पर शर्म नहीं आनी चाहिए। उन्हें तुम्हारी फ़िक्र है, और इसलिए तुम्हें।
कुछ हद तक वह ठीक भी है, मेरी बेटी।
मैंने बीस साल दफ्तर में काम किया है, परचून शुल्क, मुझे विभिन्न वस्तुओं की निकासी के लिए बड़े व्यापारियों के आवेदन अस्वीकार करने होते थे, स्पेन से जैतून, इटली से शराब, भारत से चाय, अफ्रीका से कॉफ़ी, पर उन तस्करों के जुर्माने वाले फॉर्म भी, जो पकड़ लिए गए थे। आखिर मैं सीमा शुल्क अधिकारी था, कहा जा सकता है और जानते हो, आज मैं क्या हूँ? तस्कर! मैंने सिर्फ़ अपना गोदाम बदल लिया है, मैं हम लोगों के जीवन में सौंदर्य की तस्करी करता हूँ। और मुझे उसका दंड भी मिलता है, वर्ना मेरा पैसों का थैला इतना खाली नहीं होता। क्या हुआ? माँ तुम्हें बुला रही हैं? (खिड़की की ओर जाता है और नीचे की तरफ़ देखता है) हाँ, बिलकुल, (पुकारता है) पैर्रोत महोदया! आपके केक के लिए धन्यवाद! क्लाउडे को खरीदारी के लिए जाना है? मैं उसे तुरंत नीचे भेजता हूँ! (अपनी दराज़वाली अलमारी की तरफ़ जाता है, एक दराज़ खींचता है, उसमें से एक छोटी सी डिबिया निकालता है) क्लाउडे, तुम्हें अपनी माँ के लिए कुछ कमीशन कमाना चाहिए। और यह मेरा संगीत से कमाया हुआ खज़ाना है। इसमें मैं वह पैसे रख देता हूँ जो मैंने सड़कों पर या घरों के पिछले अहातों में वॉयलिन बजाकर कमाए हैं, मेरी तरफ़ से अपनी माँ को नमस्कार कहना और यह दे देना और उनसे कहना कि इन पैसों से वे तुम्हें डॉक्टर के पास ले जाएँ। अपना पन्ना तुम भले ही यहीं छोड़ दो, तो फिर अगली मुलाकात तक के लिए विदा, यह तो मैंने अपनी ख़ुशी से किया है, तुम एक मेधावी चित्रकार हो, क्लाउडे, यह शर्मनाक होगा। हमारी दुनिया को तस्करों की ज़रुरत है, तस्कर वैसे जैसे तुम और मैं। शुल्क अधिकारी दुनिया में यथेष्ट हैं।

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