ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
मनोहर पुरी
मनोहर पुरी
2 अक्टूबर 1944 को जन्म। राजनीति विज्ञान में एम.ए.। प्रख्यात पत्रकार। समीक्षात्मक ग्रंथ- प्लेटो और अरस्तू के दार्शनिक सिद्धांत, प्राचीन यूनानी विचारक, ट्रकवाहिनी रेल व्यवस्था, समकालीन भारत। काव्य-संकलन- अतीत की परछाइयाँ, सीप में समुद्र। व्यंग्य-संकलन- रौंदकर दौड़िए, मेरा भातर महान, चंद बीवियों की तलाश, जूठन। उपन्यास- उन्नीस महीने, जिंदगी और जुगाड़। कहानी संग्रह- तूलिका, यूँ ही कह दिया होगा। अनेक देशों की यात्राएँ कीं। विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं के सदस्य। साहित्यकार सम्मान से पुरस्कृत।

दूर-देशों के भारतवंंशी गिरमिटिया

यह मानव का नैसर्गिक स्वभाव है कि वह जोखिम भरे कामों को आगे बढ़कर उत्साहपूर्वक करता है। जब मानव को समुद्री मार्गों से यात्रा करना सुरक्षित लगने लगा, तब इंग्लैंड, पुर्तगाल, स्पेन और फ्रांस के विस्तारव

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal | Yellow Loop | SysNano Infotech | Structured Data Test ^