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मनीष पाण्डेय
मनीष पाण्डेय

22 जून 1979 को पचोरी, जाँजगीर-चाम्पा, छत्तीसगढ़ में जन्म। कंप्यूटर साइंस में एॅम.एस.सी.। हिंदी साहित्य से गहरा लगाव। कविताएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। सम्प्रति - एम्स्टर्डम में सीनियर सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में कार्यरत।


भारतीय साहित्य का परिप्रेक्ष्य
भारतीय साहित्य का दुर्भाग्य रहा कि इसे अन्य भारतीय कलाओं की तरह तरजीह नहीं मिली। इसी का परिणाम है कि भारतीय साहित्य का इतिहास जैसी कोई व्यवस्था सामने नहीं आई। जबकि "भारतीय साहित्य" यह अवधारणा बनी रही और इसकी चर्चा भी होती रही। कुछ विद्वानों के लिए
शहर में ये कौन आया?
टूटे अरमानों के तेज भँवर में ये कौन आया,पुरानी यादों के फूटे खँडहर में ये कौन आया?जमाना तो क्या, हम थे खुद को भूल बैठे,पता पूछता हमारा शहर में ये कौन आया?होके जार-जार हम तो कब के मिट चुके हैं,होके तार-तार सभी अर
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