ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
मन की बात Next
अमेरिका में औरतों की दशा

रोवन पोप के ये वाक्य एक खड़े हुए विमान से गूँजे, स्पीकर से बाहर आए और मेरे दिल को छू गए। "तुमको आदमी से दुगना बेहतर होना पड़ेगा, उनके आधे तक पहुँचने के लिए।" रोवन पोप अमेरिकन टेलीविज़न ड्रामा में काम ...

01-Jun-2018 02:26 PM 685
देश-विदेश के दरम्यान

तरक़्क़ी की सीढ़ियाँ चढ़ते-चढ़ते हम अपने औ अपनों से कितनी दूर निकल जाते हैं, पता ही नहीं चलता। समय की बेलगाम उड़ान हमें कब, कहाँ से उड़ा के ले जाती है ये समय गुज़र जाने के बाद ही पता चलता है... इसी तरह की ...

01-Feb-2018 10:05 AM 910
समय के आईने में भारतवंशी

सुदूर समय में भारत एक संस्कृति प्रधान देश रहा है। कभी वह अपने मूल्यों एवं आदर्शों के कारण विश्व गुरु भी रहा है। लेकिन आज दुनियाभर में अमेरिकी संस्कृति का बोलबाला है। अमेरिका आर्थिक एवं ज्ञान विज्ञा ...

01-Feb-2018 10:02 AM 874
दूर तुझसे नहीं हूँ माँ

अमेरिका एक भागती दौड़ती दुनिया, अपने में मस्त, किसी के लिए ना रुकने वाली, नशे में धुत लोग, यहाँ की सड़कों पर अश्लीलता में लिप्त युवा, विशाल गगनचुंबी इमारतें और एक ऐसी जगह जहाँ पहुँचने के बाद आपको कुछ ...

01-Jan-2018 02:27 PM 1240
अमेरिकी हो गये भारतीयों का द्वंद्व

अमेरिकन महाद्वीप में भारतीय दक्षिण एशियाई लोगों का आगमन विशेषकर 19वीं सदी से आरम्भ हो गया था जिनमें स्वामी विवेकानन्द, सुभाषचन्द्र बोस, स्वामी रामतीर्थ व स्वतंत्रता संग्राम और गदर से जुड़े अनेक व्यक ...

01-Jan-2018 02:21 PM 1021
प्रवासी का दर्द

प्रवासी एक सामाजिक प्रक्रिया है, इसे रोका नही जा सकता। देखा जाए तो दिल्ली भी प्रवासियों ने ही आबाद किया। पाकिस्तान से आए शरणार्थियों ने इसे सही मायने में आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया। जब भारत एक देश ...

01-Jan-2018 02:14 PM 1060
बड़े परिवार से जुड़ना

प्रवासी शब्द हृदय में कई तरह के भाव जगाता है। इसका एक संदर्भ तो शायद वहाँ से शुरू होगा, जब हमारे दादाजी गाँव छोड़कर तहसील आए और जब पिताजी ने शहर की ओर कदम बढ़ाये। और इसके आगे अगली पीढ़ी ने समुंदर के प ...

01-Jan-2018 02:09 PM 1057
अमेरिका, बच्चे और हिंदी

मैं जब आज सुबह सोफ़े पर बैठ कर अपनी चाय के मज़े ले रहा था कि मेरी छह वर्ष की बेटी आई और कौतूहल से पूछने लगी, "पा, रंजना तो हम लोगों के बाद इण्डिया से अमेरिका आई थी, फिर उसे मुझसे अच्छी हिन्दी क्यूँ न ...

01-Jan-2018 02:06 PM 1106
मैं भी प्रवासी हूं

बचपन से पहचान का यह सवाल परेशान करता रहा है। जब पटना शहर से गांव जाता था तो लोग ताने देते थे। बबुआ शहरी हो गया है। चूड़ा दही कम ब्रेड बटर खाता है। शहर और गांव के एक फर्क को जीता रहा। दोनों ही अस्थाय ...

01-Jan-2018 01:51 PM 1098
मेरी पसंदीदा हिन्दी फिल्में

यहाँ से पचास-पचास कोस दूर गाँव में जब बच्चा रात को रोता है, तो माँ कहती है बेटे सो जा, सो जा नहीं तो गब्बर सिंह आ जाएगा। शोले फिल्म का ये संवाद आज भी लोगों की जुबान पर तरोताज़ा है। यह कहना अतिशयोक्त ...

01-May-2017 06:44 PM 4188
कुछ बेमिसाल फ़िल्में

फ़िल्में मनोरंजन करती हैं हमें हंसाती हैं रुलाती हैं पर काफी कुछ बता जाती हैं और बहुत कुछ सिखा भी जाती हैं। वैसे तो भारत में दुनिया में सबसे ज्यादा फ़िल्में बनती हैं। हर साल फ़िल्में आती जाती रहती हैं ...

01-May-2017 06:37 PM 1748
हिंदी फिल्मों के विविध आयाम

दुनिया में भारत की पहचान जहां भारतीय संस्कृति एवं कठिन परिश्रम को लेकर होती है। वहीं विश्व में हिंदी सिनेमा यानी बॉलीवुड को भी खूब सराहा जाता है। हिंदी सिनेमा ने भारतीय संस्कृति को विश्व में भलीभां ...

01-May-2017 02:17 PM 1469
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