ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
मन की बात Next

प्रवासी भारतीय दिवस एक सामयिक चेतना
01-Jan-2017 11:57 PM 1276
प्रवासी भारतीय दिवस एक सामयिक चेतना

भारतीय मूल के लोग बड़ी संख्या में कई दशकों से विदेशों में बसे हुए हैं और उन्होंने प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जिसमें व्यवसाय, शिक्षा, नौकरी, वैज्ञानिक एवं तकनीकी सन्दर्भ शामिल है

हिंदी प्रवासी साहित्य से अपेक्षाएँ
01-Jan-2017 12:17 AM 1272
हिंदी प्रवासी साहित्य से अपेक्षाएँ

भारत से प्रवास पर जाने का कार्य सदैव होता रहा है। आवागमन के साधनों ने इस प्रक्रिया में और तेजी ला दी है। भारतीय प्रवासी दुनिया के कोने-कोने में बसे हुए हैं। असगर वजाहत वर्तमान साहित्य के प्रवासी मह

हिंदी साहित्य में प्रवासीपन का फतवा
01-Jan-2017 12:14 AM 1269
हिंदी साहित्य में प्रवासीपन का फतवा

अंडा जब बाहर से फोड़ा जाता है तो एक हत्या बन जाता है, परन्तु जब वह अन्दर से फोड़ा जाता है तो एक सृजन! साहित्य सृजन भी ऐसी ही एक प्रक्रिया है। जो आतंरिक ऊर्जा पककर प्रस्फुटित होती है वह नव रचना है। वि


सुनहरे भविष्य की रौशनी का सच
01-Jan-2017 12:12 AM 1256
सुनहरे भविष्य की रौशनी का सच

आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि एनआरआई याने अपने देश से दूर दोहरी जिंदगी जीने वाला भारतीय। भारत में अक्सर ही इन्हें बहुत सफल माना जाता है जिनका अपना एक विशेष स्टेटस बना हुआ है। विदेश में वे अपनी पहचान

आसान नहीं है वापसी की राह
01-Jan-2017 12:10 AM 1252
आसान नहीं है वापसी की राह

प्रवासी यानी वे लोग जो जन्मभूमि को छोड़ कर कहीं और जा बसते हैं। कुछ लोग गाँव से शहर, शहर से प्रान्त छोड़ते हैं और कुछ हमारे जैसे चाहे-अनचाहे सूदूर देशों में जा बसे हैं किन्तु फिर भी किसी न किसी माध्य

शून्य दाता शून्य?
01-Jan-2017 12:05 AM 1260
शून्य दाता शून्य?

पतझड़ के पत्ते
जो जमीं पे गिरे हैं
चमकते दमकते
सुनहरे हैं

पत्ते जो पेड़ पर
अब भी लगे हैं
वो मेरे दोस्त,
सुन, हरे हैं
 
मौसम से सीखो
इसमें


उत्सव और उल्लास के बीच
01-Jan-2017 12:02 AM 1254
उत्सव और उल्लास के बीच

मनुष्य एक उत्सव-धर्मी जीव है लेकिन यह उत्सव-धर्मिता उसकी सुरक्षा, समृद्धि और विश्वास पर निर्भर करती है। जिस साल फसल खराब हो जाती है तो किसान के लिए दिवाली का कोई अर्थ नहीं रह जाता। आतंक, अनास्था और

प्रवासी दिवस औचित्य और उद्देश्य
01-Jan-2017 12:00 AM 1249
प्रवासी दिवस  औचित्य और उद्देश्य

भारत के विकास के लिए प्रवासी भारतीय समुदाय के योगदान को चिन्हित करने के लिए प्रतिवर्ष मनाया जाने वाला प्रवासी भारतीय दिवस एक अच्छा प्रयास सिद्ध हो सकता है। महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से भारत व

सच्चे मित्र हैं पुस्तकालय
01-Oct-2016 12:00 AM 2476
सच्चे मित्र हैं पुस्तकालय

विदेश पहुंचने के पश्चात अक्सर प्रवासियों को अपने देश की याद सताती है। मुझे भी अमेरिका पहुंचने के बाद भारत की बहुत याद आती थी, लेकिन एक चीज़ जिसने उदास होने से बचाये रखा वे थे अमेरिका के पुस्तकालय। व


तू मेरी पीठ खुजायेगा मैं तेरी पीठ खुजाऊँगा
01-Oct-2016 12:00 AM 2444
तू मेरी पीठ खुजायेगा मैं तेरी पीठ खुजाऊँगा

यह बात सही है कि हिंदी में अच्छे लेखकों की कमी नहीं, कमी है तो पाठकों की। दरअस्ल पाठकों की कमी का एक कारण ख़ुद लेखक ही हैं। लेखकों के कई खेमें हैं, खेमों में बंटे होने से लेखक अपने खेमे के लेखक की र

विदेश में देश
01-Oct-2016 12:00 AM 2446
विदेश में देश

देश से बाहर निकले करीब उन्नीस साल हो गए लेकिन इन उन्नीस वर्षों में से शुरू के लगभग तेरह वर्ष ऐसे थे, जिनमें हर दिन, हर पल अपने देश लौट जाने की चाह थी। उन्हीं, पीछे छूटी, भीड़-भाड़ वाली गलियों और चौरा

निज भाषा-लिपि स्वाधीनता का मूलाधार
01-Sep-2016 12:00 AM 2462
निज भाषा-लिपि स्वाधीनता का मूलाधार

पराधीनता का चित्त और चेतना से गहरा रिश्ता है। पराधीनता व्यक्ति को जितना पीड़ित और प्रताड़ित करती है। इसके विपरीत, स्वाधीनता उतना ही आह्लादित करती है वह फिर, राजनीतिक हो या व्यक्तिगत। स्वाधीनता वस्तुत


मेरे प्रिय लेखकों की रचनाएँ
01-Sep-2016 12:00 AM 2443
मेरे प्रिय लेखकों की रचनाएँ

हिंदी साहित्य में बहुत कृतियाँ हैं जो मेरी नज़र में श्रेष्ठ हैं उनमें से कुछ का उल्लेख मैं यहाँ कर रही हूँ यशपाल की "दीनता का प्रायश्चित्त" हिंदी साहित्य की मेरी सबसे पसंदीदा और श्रेष्ठतम कहानी है।

मेरी कुछ पसंदीदा किताबें
01-Sep-2016 12:00 AM 2455
मेरी कुछ पसंदीदा किताबें

पढ़ना मेरा शगल था। उस वक्त मैं बहुत छोटी थी, शायद दूसरी, तीसरी कक्षा में। पापा को पढ़ने का शौक aथा, वे लायब्ररी से पुस्तकें लाते थे। पुलिस की नौकरी, थककर आते थे और पढ़ते-पढ़ते सो जाते। उन्हें जासूसी कह

हिंदी के सूत्र और संदर्भ
01-May-2016 12:00 AM 1222
हिंदी के सूत्र और संदर्भ

हिंदी के संदर्भ में गाँधी जी ने 1918 में इंदौर में हुए हिंदी साहित्य सम्मेलन के दौरान कहा था कि हिंदी वह भाषा है, जिसको हिंदू व मुसलमान बोलते हैं और जो नागरी अथवा फारसी लिपि में लिखी जाती है। सच है


भारतीय लोक कलाएँ रुचिकर हैं
01-May-2016 12:00 AM 1160
भारतीय लोक कलाएँ रुचिकर हैं

आप सभी हिंदी प्रेमियों से अपने मन की बात करूं इससे पहले अपना परिचय देना चाहती हूँ। हालांकि नहीं जानती कि खुद अपने बारे में बात करना अच्छी माना जाता है या नहीं। मेरा नाम मिलेना वेस्लोव्सकाया है। मैं

हिंदी-रूसी अनुवादक बनने का स्वप्न
01-Mar-2016 12:00 AM 166
हिंदी-रूसी अनुवादक बनने का स्वप्न

मेंरा नाम अन्या शप्रान है। मेरी उम्र बीस साल की है। मैं विद्यार्थी हूँ और वि?ाविद्यालय से हिंदी भाषा में दर्शन शास्त्र सीख रही हूँ। मुझे पढ़ना बहुत पसंद है। हिंदी के अलावा मैं भारतीय साहित्य, इतिहास

जनवरी का साहित्य
01-Feb-2016 12:00 AM 157
जनवरी का साहित्य

पहली जनवरी। नये वर्ष के स्वागत का दिन, पूरे विश्व में उत्सव का दिन। लगता है संसार एक हो गया। पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, सबों का भेद ख़त्म हो गया। संघर्षों में युद्ध विराम आ गया, दुश्मन भी आपस में

Next
NEWSFLASH

हिंदी के प्रचार-प्रसार का स्वयंसेवी मिशन। "गर्भनाल" का वितरण निःशुल्क किया जाता है। अनेक मददगारों की तरह आप भी इसे सहयोग करे।

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal | Yellow Loop | SysNano Infotech | Structured Data Test ^