ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
मदन शर्मा
मदन शर्मा
नाट्य लेखक, राजस्थान

हिंदी रंगमंच परिवर्तन और प्रयोगधर्मिता
हिन्दी रंगमंच-नाटक का जो रूप स्वरूप, विधान आज हमारे सामने है, वह समय-समय पर हुये परिवर्तन और प्रयोगधर्मिता का ही परिणाम है। रंगमंच के नाटक ने नये आयाम स्थापित कर नये धरातलों को छुआ है, इसमें दो राय नहीं है। किन्तु साथ ही साथ आधुनिक रंगमंच ने कई प्
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