ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
लोक-स्मृति Next
पंजाब की लोक-कविता

लोकगीत उन्मुक्त मन की भाव लहरिया हैं और सामाजिक परम्पराओं के लयात्मक शब्द चित्र भी। इनमें व्यक्ति मन के मूक वेदना-उल्लास भी है और समाज की रीतियों-कुरीतियों का समर्थन-विद्रोह भी। लोकगीत कुंठामुक्त स

लोक का आँगन

लोक अनंत भी है और आँगन भी। वह अनन्त को आँगन में उतार लेता है और घर के आँगन से ही अनंत की यात्रा करता है। लोक में ही यह शक्ति है कि वह आवाहन न जानते हुये भी सारे देवताओं को एक छोटा-सा चौक पूरकर उसमे

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