ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
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मूक दर्द की चीत्कार का लोककवि छज्जुलाल सिलाणा

त्रोता युग म्हं शंबूक संग घणा, मोटा जुल्म कमाया था
रैदास, कबीर, भक्त चेता पै जाति आरोप लगाया था
गुरु वाल्मीक, सबरी भीलणी नैं चमत्कार दिखलाया था
कांशी म्हं कालिया भंगी ने हरिचंद का धर ...

01-Mar-2017 08:27 PM 1512
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