ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
लता तेजेश्वर रेणुका
लता तेजेश्वर रेणुका

परलाखेमुंडी, ओडिशा में जन्म। स्नातक। हिंदी, अंग्रेजी, तेलुगु व ओडिया भाषाओं में लेखन। काव्य संग्रह- मैं साक्षी यह धरती की, चाँदनी रात में तुम, लघु-उपन्यास- हवेली, सैलाब प्रकाशित। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में सौ से अधिक आलेख प्रकाशित। अनेक सम्मानों से पुरस्कृत। अनेक संस्थाओं से सम्बद्ध।


कन्यादान की परम्परा के आशय
भारतीय परम्परा में कन्यादान के संबंध में विचार- विमर्श करने से पूर्व कुछ प्रश्नों से सहज ही सामना होता है, मसलन - दान क्या है? और क्यों किया जाता है? दान करने के बाद उस वस्तु या प्राणी का दान करने वाल
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