ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
कृति-स्मृति Next
राम की शक्ति पूजा
राम की शक्ति पूजा

है अमानिशा, उगलता गगन घन अन्धकार
खो रहा दिशा का ज्ञान, स्तब्ध है पवन-चार
अप्रतिहत गरज रहा पीछे अम्बुधि विशाल
भूधर ज्यों ध्यानमग्न, केवल जलती मशाल।

स्थिर राघवेन्द्र को हिला ...

01-Sep-2016 12:00 AM 3491
निःशस्त्र सेनानी
निःशस्त्र सेनानी

सुजन, ये कौन खड़े हैं? बन्धु! नाम ही है इनका बेनाम।
कौन करते है ये काम? काम ही है बस इनका काम।
 
बहन-भाई, हां कल ही सुना, अहिंसा आत्मिक बल का नाम
पिता! सुनते है श्री विश्वेश ...

01-Sep-2016 12:00 AM 3345
सखि वे मुझसे कह कर जाते
सखि वे मुझसे कह कर जाते

सखि, वे मुझसे कहकर जाते,
कह, तो क्या मुझको वे अपनी
पथ-बाधा ही पाते?
मुझको बहुत उन्होंने माना
फिर भी क्या पूरा पहचाना?
मैंने मुख्य उसी को जाना
जो वे मन में लाते।
...

01-Sep-2016 12:00 AM 3397
कामायनी
कामायनी

कोमल किसलय के अंचल में
नन्हीं कलिका ज्यों छिपती-सी
गोधूली के धूमिल पट में
दीपक के स्वर में दिपती-सी।

मंजुल स्वप्नों की विस्मृति में
मन का उन्माद निखरता ज्यों-
सु ...

01-Sep-2016 12:00 AM 3412
वीरों का कैसा हो बसंत
वीरों का कैसा हो बसंत

आ रही हिमालय से पुकार
है उदधि गरजता बार-बार
प्राची पश्चिम भू नभ अपार
सब पूछ रहे हैं दिग-दिगन्त-
वीरों का कैसा हो बसन्त।।
 
फूली सरसों ने दिया रंग
मधु लेकर आ ...

01-Sep-2016 12:00 AM 3408
ब्रह्मराक्षस
ब्रह्मराक्षस

शहर के उस ओर खँडहर की तरफ़
परित्यक्त सूनी बावड़ी
के भीतरी
ठण्डे अँधेरे में
बसी गहराइयाँ जल की
सीढ़ियाँ डूबी अनेकों
उस पुराने घिरे पानी में
समझ में आ न सकता हो
...

01-Sep-2016 12:00 AM 3365
नदी के द्वीप
नदी के द्वीप

हम नदी के द्वीप हैं।
हम नहीं कहते कि हमको छोड़ कर स्रोतस्विन बह जाय।
वह हमें आकार देती है।
हमारे कोण, गलियां, अन्तरीप, उभार, सैकत-कूल,
सब गोलाइयां उसकी गढ़ी हैं।
 
...

01-Sep-2016 12:00 AM 3392
दुखी जीवन
दुखी जीवन

दुख का एक बड़ा कारण है अपने-ही-आप में डूबे रहना, हमेशा अपने ही विषय में सोचते रहना। हम यों करते तो यों होते, वकालत पास करके
अपनी मिट्टी खराब की, इससे कहीं अच्छा होता कि नौकरी कर ली होती। अगर न ...

01-Sep-2016 12:00 AM 1363
अंग्रेजी के गुण और दोष
अंग्रेजी के गुण और दोष

जब से भारत में राष्ट्रीयता का आविर्भाव हुआ, लोग अंग्रेजी शिक्षा के विरुद्ध बहुत-सी बातें कहने लगे हैं। इस शिक्षा का सबसे बड़ा दोष यह बताया जाता है कि इसके कारण भारत के शिक्षितों और अशिक्षितों के बीच ...

01-Sep-2016 12:00 AM 1643
एक पुरानी चट्टान
एक पुरानी चट्टान

आज जब हम अंग्रेजी हटाने की बात करते हैं, तब सवाल अंग्रेजी का नहीं है। सवाल तीन हजार साल पुरानी आदत बदलने का है। यह चट्टान अंग्रेजों ने हमारे ऊपर नहीं रखी है। वह एक प्रागैतिहासिक चट्टान है, जो आजादी ...

01-Sep-2016 12:00 AM 3360
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