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के.पी. अनमोल
के.पी. अनमोल
19 सितम्बर को सांचोर-राजस्थान में जन्म। हिंदी साहित्य में एम.ए। ग़ज़ल संग्रह इक उम्र मुकम्मलप्रकाशित। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन। आकाशवाणी एवं दूरदर्शन से रचनाओं का प्रसारण। काव्य रत्न सम्मानसे पुरस्कृत।

ग़ज़ल एक दो
एकजहाँ पर हो गयी समझो शम"अ से बंदगी की हदवहीं पे ख़त्म होती है पतंगे की ख़ुदी की हदखड़ी पाई का तो बस काम ही है रोकना सबकोकिसी दिन तय करेगी ये मेरी भी ज़िंदगी की हदजहाँ उम्मीद की इक भी किरण पहुँची नहीं अब तकवही
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