ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
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साँकल
साँकल

क्या उसने अपने गिरने की कोई सीमा तय नहीं कर रखी? सीमा के आँसुओं ने भी बहने की सीमा तोड़ दी है... इन्कार कर दिया रुकने से... आँसू बेतहाशा बहे जा रहे हैं।
वह चाह रही है कि समीर कमरे में आए और एक ...

01-Jan-2018 03:21 PM 225
अवैध नगरी
अवैध नगरी

अचानक उसकी दृष्टि स्थिर हो गई। जिस ट्यूब को वह देख रहा था, उसमें उसकी चेतना मूर्त होकर पत्थर हो गई थी। कहीं कुछ दरक गया था। संशयों और अविश्वास के बीच उस की अंगुलियां ठिठक गई थी और मानसिकता कुंद हो ...

01-Dec-2017 01:19 PM 271
मैं बुरा नहीं हूँ
मैं बुरा नहीं हूँ

कल मेरी पत्नी का जन्मदिन था। संयोगवश मैं कार्यालय के काम से बैंकॉक गया था। मैंने उसे रात को इमेल से जन्मदिन की बधाई भेजी। सुबह इमेल खोलता हूँ तो देखता हूँ उसने सिर्फ थैंक्स लिखा था। स्क्रीन पर इधर- ...

01-Dec-2017 01:16 PM 302
सपने और सौदागर
सपने और सौदागर

मॉस्को से वापिस लौटते वक्त इस बार कबीर बहुत उदास था। बहुत कुछ बदल गया। नादिया अभी- अभी उसको एयरपोर्ट के अंदर तक छोड़ कर गई थी। जाते वक्त उसने कबीर को कस कर बाहों में लिया और मुँह चूमा। बिछुड़ते समय उ ...

01-Nov-2017 04:12 PM 423
दूसरी शादी
दूसरी शादी

मॉम क्या आप दूसरी शादी करोगी? दूसरी शादी के बारे में पूछने के बहाने सिद्धार्थ दरअसल कई बातें नंदिता को कह रहा था। जैसे कि, ...भले ही पापा दुनिया से चले गये हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि जिंदगी खत्म ...

01-Oct-2017 01:46 PM 630
सुनो तुम्हारी भी कहानी है
सुनो तुम्हारी भी कहानी है

तुम्हें तो पत्नी, पत्नी की सहेली या कामवाली बाई में कोई फर्क ही नजर नहीं आता था, तुम्हें तो बस एक नयापन चाहिये। कौन-कौन से फार्मूलों की बात किया करते थे तुम, जैसे बहुत ब ...

01-Apr-2017 12:43 AM 1510
नागोबा डुलाय लागला...
नागोबा डुलाय लागला...

बिल्कुल वही है। खाल के ऊपर रेंगता है। वही है। मैं भी तो वही हूँ। बैठा भी वहीं हूँ आज तक। तुम जबसे गयीं, निपट अकेला हूँ। वही शनिवार, वही तीसरा पहर, वही अड्डा, वही बेंच। वही आवाज़ें : तिकीट, तिकीट, ति ...

01-Mar-2017 11:36 PM 1529
वह तैयार है
वह तैयार है

ईवान का चेहरा पीला पड़ा हुआ था। हाथों में थरथाराने की कंपन थी। उसने अपनी फाइलों और नोटबुक से अँटी मेज़ का कोना पकड़ लिया। कुछ पल वह ऐसे ही खड़ी रही। पीछे से उसे नैंसी का स्वर सुनाई दिया, "क्या हुआ ईवान ...

01-Feb-2017 12:37 AM 1633
अरमान है
अरमान है

सड़क किनारे एक छोटी-सी दुकान की रंग-बिरंगी दीवार से शरीर को टिकाए, बदरंगे, मटमैले से कपड़ों में तेज़ बारिश में भीगने से अपने को बचाता हुआ वह, कान से चिपके पुराने मॉडल के मोबाइल पर ऊँची आवाज़ में न जाने ...

01-Jan-2017 01:10 AM 2971
शिन नियेन (नव वर्ष)
शिन नियेन (नव वर्ष)

पिंग पिंग जैसे ही अपने घर में घुसी अचानक ही दरवाज़े पर ही ठिठक गयी। यह क्या ऐसा सूना-सूना घर काटने को आ रहा था। जिस तीन बेडरूम वाले घर में सात लड़कियां रहती हैं, हर समय हो हल्ला छाया रहता है, आज उसी ...

01-Dec-2016 12:00 AM 2537
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