ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
जितेन्द्र वेद
जितेन्द्र वेद

19 अप्रैल 1960 के देवास में जन्म। हिंदी व अंग्रेजी साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि। मलयाळम, फ्रेंच व जर्मन में पत्रोपाधि। मध्यप्रदेश के अनेक शासकीय विद्यालयों में अंग्रेजी व्याख्याता, बैंगलोर दूरदर्शन में हिंदी अधिकारी तथा राष्ट्रीय पुलिस अकादमी, हैदराबाद में हिंदी अनुदेशक के तौर पर काम किया। अनेक भारतीय भाषाओं के अलावा रूसी, फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, जापानी का ज्ञान। रचनाएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित।


एक दो - जितेन्द्र वेद
एक क्यों छीना जा रहा है प्यार और प्यास भीछीनने को आतुर वे जीवन की आस भी पंजों में फँसा लिया है, उन्होंने जहाँ कोकब्जा कर रोटी पर, छीन ली है साँस भी आदिवासी भी धकियाये जा रहे जंगल सेछिन गए हैं उनसे पेड़ और तुच्
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