ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
होली कूल-कूल
01-Mar-2019 03:26 PM 947     

दिसम्बर की कड़कड़ाती ठंड में घने कोहरे के बीच होली ने पैग़ाम भिजवाया। इस बार मैं मार्च में नहीं जनवरी में आऊँगी। यह सुनकर ऐसा लगा जैसे रजाई में बैठे-बैठे ही बारिश हो गई हो, लेकिन क्या किया जा सकता था। होली को तो आना ही था अब उसकी मर्ज़ी जब आए। होली में रंग खेलने के लिए घर के सभी लोगो ने अपने फटे पुराने स्वेटर और टोपी निकाल लिए। कुछ लोगो ने "होली मंत्र खेलाई" नामक तकनीक ईजाद किया जिसमें आम के पल्लू को रंग भरी बाल्टी में डुबोकर दूसरों पर झिड़कना होगा। जहां बड़े- बुजुर्गों ने रजाई में दुबकते हुए होली खेलने से साफ़ मना कर दिया। वहीं देश की सभी औरतों ने सिर्फ सोशल मीडिया पर होली खेलने का आह्वान किया, जिसमें एक-दूसरे के फोटो को रंग लगाकर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करना सम्मिलित था। जहां दिल्लीवासी गिरते तापमान से कंफ्यूज हो रहे थे कि वो दिल्ली में रह रहे हैं या शिकागो में, वहीं उनके छोटे -छोटे बच्चे रोज मनाते कि मौसम का तापमान माइनस डिग्री सेल्सियस में चला जाये और उन्हें दिल्ली में ही बर्फबारी देखने का मौका मिल जाए। ऐसे में जब दिल्लीवालों को पता चला कि होली आ रही तो उन्होंने सिर्फ गुलाल से होली खेलने की सोची, लेकिन सभी बच्चे दिल्ली के बर्फबारी में कलरफुल "स्नो मैन" बनाने की ठान कर बैठ गये थे। इन सब बातों से बेफिक्र दिल्लीवाले शर्मा जी जिन्हें फगुआ बहुत ही प्रिय था, होली के रिहर्सल के लिए एक प्लान बनाया। उन्होंने सबसे पहले अपने दस्ताने को लाल रंग के गुनगुने पानी में डुबोया और फिर आव देखा ना ताव, लाल रंग लगा दिया अपनी घरवाली पर। लेकिन ये क्या दिल्ली के फॉग में घरवाली की जगह कामवाली के चेहरे पर रंग लगा बैठे और फिर घरवाली से पिटते-पिटते बचे। राजनीति से भी होली कहाँ बचने वाली थी। विपक्ष ने इस बात को बहुत ही तूल दिया, कहा आजतक का रिकार्ड रहा है कि जब तक हमारी सरकार रही है कभी भी होली जनवरी में नहीं आयी। इसमें सरकार का ही हाथ है। वहीं गरीबों पर अत्याचार करने के लिए होली को जनवरी में बुलाया जा रहा है, लेकिन हम यह होने नहीं देंगे। इस कड़कड़ाती ठंड में भी रजाई और अलाव के साथ जनता के हित के लिए धरना प्रदर्शन करेंगे। हम तो होली से भी यही कहेंगे कि होली है तो होली की तरह आए किसी के बहकावे में न आए। इस तरह के गर्मागर्म बयान से कुछ देर के लिए ही सही ठंडी में गर्मी का अहसास हो रहा था। सरकार ने जनता की परेशानियों, विपक्ष की बयानबाजी और आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह घोषणा करवाई कि आज मध्यरात्रि के बाद होली मार्च को छोड़कर अन्य किसी भी महीने में आयी तो वो मान्य नहीं होगी। यह खबर सुनते ही होली अपने घर से बाहर निकल ही नहीं पायी और देश के सभी लोगों ने गर्मागर्म चाय के साथ इस खुशी को सेलिब्रेट किया।

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