ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
गीता दुबे
गीता दुबे

उत्तर प्रदेश के एक गांव में जन्म। कलकत्ता विश्वविद्यालय से एमए, पीएचडी। प्रकाशित पुस्तकें- हिंदी साहित्येर पंच पथिक, स्त्री लेखन : स्त्री दृष्टि। विभिन्न पत्रिकाओं में कविताएं, आलेख, समीक्षाएं, शोध-पत्र प्रकाशित। विभिन्न संगोष्ठियों का संयोजन, संचालन। रेडियो, दूरदर्शन पर कविता पाठ व परिचर्चा में शामिल। सामाजिक संस्थाओं में सक्रिय भागीदारी। प्रलेस, पं बंग इकाई में संयुक्त महासचिव। "साहित्यिकी" संस्था की सचिव। संप्रति : स्कॉटिश चर्च महाविद्यालय के हिंदी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर।


विश्वविद्यालयों के हिंदी विभाग वह सुबह कभी तो आएगी

महाविद्यालय की चौहद्दी से निकलकर जब विद्यार्थी विश्वविद्यालय रूपी ज्ञानसागर में प्रवेश करते हैं तो वे उसमें डुबकियां लगाकर लाभान्वित होने की चाहत मन में छिपाए होते हैं जो बिल्कुल स्वाभाविक भी है ले

इंकार का अधिकार अनारकली ऑफ आरा

गांव गिराव में एक कहावत चलती है, "गरीब की जोरू सबकी भौजाई", अर्थात् स्त्री की अपनी कोई अस्मिता या पहचान नहीं है। उसकी पहचान कूती जाती है इस बात से कि वह किसके संरक्षण या अधिकार में है। जितना शक्तिश

QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal | Yellow Loop | SysNano Infotech | Structured Data Test ^