ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
परिचय

slide-01.jpg

 

भारतीय संस्कृति अनेकता में एकता के सूत्र-वाक्य में यकीन रखती है। यहाँ रहन-सहन, खान-पान, बोल-चाल एवं जीवनशैली की बहुआयामी विविधता दिखाई देती है। यही विविधता भारत को पूरी दुनिया में अनुपम बनाती है।

दुनियाभर में रहने वाले भारतवंशी अपनी मातृभूमि से अटूट रागात्मक सम्बन्ध महसूस करते हैं और विविध अवसरों पर उजगार करते हैं। दुनियाभर के 202 देशों में भारतीय मूल के करीब तीन करोड़ लोग निवास कर रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक यूएसए में 32 लाख, यूके में 16 लाख, दक्षिण अफ्रीका में 13 लाख,  कनाडा में 12 लाख,  आस्ट्रेलिया में 4 लाख और सूरीनाम, फिजी, मॉरीशस, न्यूजीलैंड, वेस्ट इंडीज़ आदि देशों में रह रहे लाखों भारतीय भावनात्मक तौर पर भारत और भारतीयता से प्रेम करते हैं। उनमें अब भी सनातन संस्कृति एवं परिवार मूल्यों में आस्था है।

"गर्भनाल" को दुनियाभर के भारतवंशियों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति के मंच के तौर पर स्वीकार किया है। सनातन भारतीय अस्मिता और पहचान से जुड़ी परम्पराओं, भारतीय भाषाओं के उन्नयन एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण-संवर्धन के लिये भी "गर्भनाल" मिशन के तौर पर कार्य कर रही है।

"गर्भनाल" विगत 8 बरसों से दुनियाभर में बसे लगभग 2 लाख प्रवासी भारतीयों को उनके ईमेल पतों पर पीडीएफ के रूप में निःशुल्क भिजवाई जा रही है। भारतीयता को बरकरार रखने के इस मिशन से जुड़े एवं रचनात्मक, आर्थिक सहयोग करें।

विस्तार से जानने के लिये सम्पर्क करें : garbhanal@ymail.com

QUICKENQUIRY
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal | Yellow Loop | SysNano Infotech | Structured Data Test ^