ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
डॉ. विजय मिश्र
डॉ. विजय मिश्र
हार्वर्ड वि·ाविद्यालय के प्रतिष्ठित भौतिक विज्ञानी एवं संस्कृत विद्वान। कवि के तौर पर न्यू इंग्लैंड, दक्षिण एशिया के अनेक देशों में चर्चित एवं सफल यात्राएँ कीं। अनेक गरिमापूर्ण कवि सम्मेलनों में भागीदारी। विगत 18 बरसों से हार्वर्ड वि·ाविद्यालय में सालाना भारतीय कविता पाठ का आयोजन कर रहे हैं।
180, बेडफोर्ड रोड, लिंकन, एमए., , INDIA
वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-15पञ्चवटी
01-Mar-2017 08:41 PM 485 वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-15पञ्चवटी

चारू चन्द्र की चंचल किरणें, खेल रही है जल थल में, स्वच्छ चाँदनी बिछी हुई थी अवनि और अंबर तल में - राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त यह लिखकर अमर हो गये। पञ्चवटी की शुरुआत हुई वाल्मीकि से। वाल्मीकि के भौगो

वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-15 दण्डकारण्य हिंदी अनुवाद : संजीव त्रिपाठी
01-Jan-2017 01:06 AM 1289 वाल्मीकि रामायण : आधुनिक विमर्श-15 दण्डकारण्य हिंदी अनुवाद : संजीव त्रिपाठी

रामायण की कहानी मुख्यतः तीन भोगोलिक भूभागों में बुनी गई है, उनमें से प्रथम है "अयोध्या" और उसका समीपवर्ती क्षेत्र, दूसरा दक्षिण भारत का विस्तृत वनक्षेत्र "दण्डकारण्य" और तीसरा समुद्र में स्थित "लंक

चित्रकूट पर राम-भरत मिलन
01-Nov-2016 12:00 AM 2080 चित्रकूट पर राम-भरत मिलन

रामायण हमारे समाज की कहानी है। भाइयों की आपसी आदत, उनका बर्ताव और फिर उनमें स्नेह और सम्मान रामायण की कहानी है। बड़े भाई राम को अच्छा जाना जाता है, छोटे भाई उनको मानते हैं। आजकल के समाज का द्वेष, ईष

चित्रकूट पर्वत श्रृंखला
01-Aug-2016 12:00 AM 325 चित्रकूट पर्वत श्रृंखला

जैसा कि पहले अन्य लेखों में भी देखा जा चुका है, वाल्मीकि अपने कवित्त में प्राकृतिक सौन्दर्य का वर्णन करने में अद्वितीय है। उनके वर्णन से ऐसा प्रतीत होता है कि मानो कवि को राम का वन में इस तरह घूमना

पुण्य सलिला गंगा
01-May-2016 12:00 AM 1159 पुण्य सलिला गंगा

वाल्मीकि प्रकृति कवि हैं। उनके कवित्व से घटनाएँ स्वाभाविक हो जाती हैं। वह आका¶ा, तारों, पर्वतों, मेघों, वनों, वृक्षों, प¶ाुओं, सर्पों, पक्षियों, नदियों, मछलियों, नारियों और नरों के प्रेक्

जल की महिमा अंग्रेजी से अनुवाद - संजीव त्रिपाठी
01-Apr-2016 12:00 AM 167 जल की महिमा अंग्रेजी से अनुवाद - संजीव त्रिपाठी

शायद आदि मानव की पहली कुछ खोजों में यह शामिल रहा होगा कि, जीवित रहने के लिए वायु और जल का अलग-अलग महत्व है। वायु हमारे पास आती है और हम श्वाँस लेते है, परन्तु पानी की आवश्यकता पूर्ति करने के लिए हम

अयोध्या नगरी
01-Mar-2016 12:00 AM 161 अयोध्या नगरी

रमायण ग्रन्थ की शुरुआत में ऋषि वाल्मीकि उस "आदर्श' मनुष्य की खोज के बारे में बताते हैं जो मनके चिंतन में है। उनको नारद ऋषि राम और रामायण कथा की रूपरेखा के बारे में बतलाते हैं। कहानी के नाटकीय विवरण

ब्राहृर्षि वशिष्ठ
01-Jan-2016 12:00 AM 156 ब्राहृर्षि वशिष्ठ

ब्रहृर्षि, वैदिक महाकाव्यों के अनुसार ऋषियों की श्रेणी में सबसे ऊँचा पद है, और इस पद पर साथी ऋषि उसको शोभित करते थे, जिसने जीवन में सबसे ज्यादा ज्ञान प्राप्त कर लिया हो। इस पद के लिये कोई विधिवत प्

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