ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
डॉ. रवीन्द्र अग्निहोत्री
डॉ.  रवीन्द्र  अग्निहोत्री

पूर्व सदस्य, हिंदी सलाहकार समिति, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार, सेवानिवृत्त अध्यक्ष, राजभाषा विभाग, भारतीय स्टेट बैंक, केन्द्रीय कार्यालय, मुंबई, पूर्व प्रोफ़ेसर, राष्ट्रीय बैंक प्रबंध संस्थान (ग़्.क्ष्.ए.ग्.) पुणे, पूर्व प्रोफ़ेसर, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर।


गाँधी, गुरुदेव और हिंदी
पिछली शताब्दी में हिंदी प्रचार के लिए समर्पित लोगों की अगर सूची बनाई जाए तो निश्चित रूप से सबसे पहला नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का होगा। प्रसिद्ध है कि उनके पास आकर जब कोई व्यक्ति यह कहता था कि मैं देशसेवा करना चाहता हूँ, मुझे काम बताइए; तो उनक
ऑस्ट्रेलिया में हिंदी का
ऑस्ट्रेलिया को प्रवासियों का देश कहा जाता है क्योंकि वहां की आबादी में प्रमुखता विश्व के तमाम देशों से आए प्रवासियों की ही है। इनमें सर्वाधिक संख्या यूरोपीय देशों से आए लोगों में ब्रिटेनवासियों की है, वहीं एशियाई देशों से आए लोगों में चीनी और भारत
गीता और अन्य गीताएँ
गीता शब्द सुनते ही हमें उस महान ग्रंथ की याद आती है जिसे अनेक लोग धर्मग्रंथ का सम्मान देते हैं, उसे "सर्वपापहरा" और "मोक्षदायिनी" मानते हैं, अतः उसे घर में रखना और पढ़ना अनिवार्य मानते हैं, (पर कैसी विडम्बना है कि जिस मूल ग्रंथ "महाभारत" का यह अंश
हिंदीप्रेमी क्या करे?
हिंदी की देश में राजभाषा या राष्ट्रभाषा के रूप में जो भी स्थिति है, उसके लिए भले ही राजनीति जिम्मेदार हो, पर मातृभाषा के रूप में हिंदी प्रदेशों में उसकी जैसी स्थिति है, उसके लिए हमें अपनी सांस्कृतिक दुर्बलताओं पर ध्यान देना होगा। हिंदी प्रदेशों की
QUICKENQUIRY
Related & Similar Links
Copyright © 2016 - All Rights Reserved - Garbhanal - Version 15.00 Yellow Loop SysNano Infotech Structured Data Test ^