ISSN 2249-5967

 

सुषमा शर्मा

सम्पादक
डॉ. ममता जैन
डॉ. ममता जैन
एमबीए, पीएचडी। साहित्य सृजन संस्थान, साइप्रस (यूरोप) की संस्थापिका। काव्य संग्रह साइप्रस नहीं लुभाता और सीप के मोती प्रकाशित। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। अनेक संस्थाओं से सम्मानित। साइप्रस, मिस्र एवं लंदन की सांस्कृतिक सद्भाव यात्राएँ। सम्प्रति - श्री देशना, हिंदी विभाग में सम्पादक।

शूल

मैंने फूलों को भी
काँटों से प्यार करते देखा है
चुपचाप बातें करते देखा है
रात की अमराइयों में
सोये थे दोनों चुपचाप
सुबह देखा तो पत्ती-पत्ती

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